पहले मफलर से गला दबाया, फिर कार में लगाई आग… रोहित हत्याकांड में सामने आई खौफनाक प्लानिंग
सहारनपुर में अर्जुन ने उम्रकैद से बचने के लिए दोस्त रोहित की हत्या कर कार में जलाकर खुद की मौत दिखाने की साजिश रची, जिसे पुलिस ने उजागर कर दिया।
Uttar Pradesh News: सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज रोहित हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड के पीछे बेहद चौंकाने वाली साजिश थी। मुख्य आरोपी अर्जुन ने उम्रकैद की सजा से बचने के लिए अपने ही दोस्त रोहित की हत्या कर दी और शव को कार में जलाकर खुद को मृत दिखाने की योजना बनाई। वारदात को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया और अपने भाई से थाने में अपनी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
उम्रकैद के डर से रची साजिश
पुलिस पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह वर्ष 2024 से देहरादून में एक ब्यूटी पार्लर में चालक का काम करता था। उसी पार्लर में काम करने वाली एक युवती ने उसके खिलाफ डालनवाला थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में वह करीब छह महीने जेल में रहा और मुकदमा अभी कोर्ट में चल रहा है। उसके वकील ने उसे आजीवन कारावास की आशंका जताई थी। इसी डर से उसने खुद की मौत दिखाकर कानून से बचने की योजना बनाई।
कर्ज और रंजिश बनी हत्या की वजह
अर्जुन ने लॉकडाउन के दौरान पैठ क्षेत्र में ब्याज पर पैसे देने का काम किया था। उसने ग्राम मौहम्मदपुर कन्धेला निवासी रोहित को रुपये उधार दिए थे, जो ब्याज सहित करीब 1 लाख 70 हजार रुपये हो गए थे। बाद में रोहित के गायब हो जाने से वह उससे रंजिश रखने लगा। एक माह पहले उसे पता चला कि रोहित स्मैक का आदी हो चुका है। इसके बाद उसने दोबारा दोस्ती बढ़ाई और अपने साथियों रोबिन और सारिक के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। सारिक से उसकी मुलाकात जेल में हुई थी। योजना के तहत उसने एक ऑल्टो कार खरीदी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
24 फरवरी को अर्जुन और रोबिन किया सोनेट कार से निकले। रास्ते में पेट्रोल पंप से दो प्लास्टिक कैनों में पेट्रोल भरवाया गया। भगवानपुर क्षेत्र में मढ़ी से पहले सारिक को साथ लिया गया। रोबिन रोहित को लेकर आया। सभी ने शराब पी और रोहित को नशा कराया। मौके पर अर्जुन और सारिक ने मफलर से उसका गला घोंट दिया। शव को ऑल्टो कार की ड्राइवर सीट पर रखकर घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। कार को पुलिया की ओर धक्का दिया गया, लेकिन वह फंस गई। इसके बाद पेट्रोल डालकर कार में आग लगा दी गई। आग लगाते समय अर्जुन का चेहरा भी झुलस गया।
गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट
वारदात के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए। अर्जुन ने पहचान छिपाने के लिए बाल छोटे करा लिए और परिचितों के नाम से सिम कार्ड लिया। उसने अपने भाई विजय सागर से थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने को कहा, ताकि लगे कि उसकी भी मौत हो चुकी है। पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर साजिश को बेनकाब कर दिया है।
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