31 जनवरी बना पाकिस्तान के लिए काला दिन, एक महीने में 130 से ज्यादा जवानों की मौत
जनवरी 2026 में हिंसक घटनाओं में 130 से अधिक पाकिस्तानी सेना, पुलिस और अर्धसैनिक कर्मी मारे गए, जिनमें बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर समन्वित हमले शामिल थे।
पाकिस्तान के लिए जनवरी 2026 सुरक्षा के लिहाज से बेहद मुश्किल महीना बनकर सामने आया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसक घटनाओं में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। 1 जनवरी से 31 जनवरी के बीच 130 से अधिक जवानों की मौत की खबरों ने पाकिस्तान की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे महीने में सबसे भयावह दिन 31 जनवरी रहा, जब बलूचिस्तान में एक के बाद एक बड़े हमलों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया।
31 जनवरी को बलूचिस्तान में क्यों मचा हड़कंप
31 जनवरी की सुबह कब्जे वाले बलूचिस्तान में हालात अचानक बिगड़ गए। बलूच फ्रीडम फाइटर्स ने एक साथ 14 जिलों में सुनियोजित हमले किए। इन हमलों में आत्मघाती विस्फोट, घात लगाकर हमला और सुरक्षा ठिकानों में सीधे घुसकर कार्रवाई जैसी रणनीतियां अपनाई गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में मजीद ब्रिगेड की महिला फिदायीनों की भूमिका भी सामने आई है। एक साथ इतने बड़े स्तर पर किए गए हमलों ने पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह चौंका दिया।
मौतों के आंकड़े और अस्पतालों में हालात
हमलों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के करीब 35 से ज्यादा जवानों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि, सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि असली आंकड़ा 80 तक हो सकता है और आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। इसके अलावा 20 से ज्यादा नागरिकों के मारे जाने की भी खबर है। पाक सेना की मीडिया इकाई ISPR ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में 90 से अधिक बलूच लड़ाके मारे गए। क्वेटा सिविल अस्पताल में 28 शव और 57 घायल पहुंचे, जबकि बोलन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 4 शव और 22 घायलों का इलाज किया गया।
पाक सेना पर दबाव और भारत के लिए सतर्कता
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बलूचिस्तान में शुरू हुआ यह अभियान अभी थमा नहीं है। केवल एक महीने में 130 से ज्यादा जवानों की मौत ने पाक सेना और खुफिया तंत्र पर जबरदस्त दबाव बना दिया है। आशंका जताई जा रही है कि इस स्थिति से ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों और दुष्प्रचार को तेज कर सकता है। सोशल मीडिया पर पाक समर्थित सूचना युद्ध से जुड़े अकाउंट्स सक्रिय हो गए हैं। इसी को देखते हुए भारत में पिर पंजाल के दक्षिणी इलाके, जम्मू-कश्मीर के भीतरी क्षेत्र और अन्य अहम ठिकानों पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
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