मुस्कान-साहिल को फांसी सुनाते वक्त महाभारत का जिक्र, सौरभ के वकील ने बताया कोर्ट में क्या हुआ, बचाव पक्ष की दलीलें क्यों नहीं आईं काम?
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष के वकील कृष्ण कुमार दुबे ने अदालत में हुई सुनवाई, महाभारत के संदर्भ और बचाव पक्ष की दलीलों के बारे में बताया। वकील के मुताबिक, बचाव पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी की गैरमौजूदगी और आरोपियों की बेटियों का हवाला देकर नरमी की अपील की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की।
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष के वकील कृष्ण कुमार दुबे ने अदालत में हुई सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों के बारे में जानकारी दी। वकील के मुताबिक, सुनवाई के दौरान महाभारत का भी उल्लेख किया गया और अपराध के अनुरूप दंड देने की बात कही गई। बचाव पक्ष ने गवाहों की मौजूदगी और आरोपियों की बेटियों का हवाला देते हुए नरमी बरतने की दलील दी थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की।
महाभारत का जिक्र कर दंड को बताया धर्म का हिस्सा
पीड़ित पक्ष के वकील कृष्ण कुमार दुबे ने फैसले के बाद बताया कि अदालत में महाभारत का उदाहरण देते हुए अपराध के अनुरूप सजा देने की बात कही गई। उनके अनुसार, दंड देना भी धर्म का हिस्सा है और गंभीर अपराध करने वालों को उनके कृत्य के अनुरूप सजा मिलनी चाहिए। वकील ने इस फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे समाज में यह संदेश जाता है कि गंभीर अपराधों को अंजाम देने के बाद कानून से बचना आसान नहीं है। हालांकि, महाभारत के संदर्भ में अदालत की सटीक टिप्पणी जानने के लिए फैसले के लिखित आदेश का मिलान जरूरी है।
बचाव पक्ष ने रखी थी ये दलीलें
कृष्ण कुमार दुबे के मुताबिक, बचाव पक्ष ने अदालत में कहा था कि किसी ने आरोपियों को हत्या करते हुए प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा। इसके अलावा, दोनों की बेटियों का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की अपील की गई थी। पीड़ित पक्ष के वकील का कहना है कि अभियोजन ने अदालत के सामने पर्याप्त साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर मुस्कान और साहिल का अपराध साबित हुआ। अदालत ने दोनों को हत्या और सबूत मिटाने से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई।
सोची-समझी साजिश को सजा का आधार बताया
वकील ने बताया कि मामले में हत्या की प्रकृति और उसे अंजाम देने के तरीके को महत्वपूर्ण माना गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में छिपाया गया था। कृष्ण कुमार दुबे के मुताबिक, यह अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत किया गया अपराध था। उन्होंने इसी आधार पर मृत्युदंड को उचित ठहराया। अदालत के फैसले में किन तथ्यों को कितना महत्व दिया गया, इसकी पूरी जानकारी लिखित निर्णय से ही स्पष्ट होगी।
फैसले के बाद दोनों की बॉडी लैंग्वेज पर क्या बोले वकील?
वकील कृष्ण कुमार दुबे ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान और साहिल की प्रतिक्रिया से लगा कि फैसले का उन पर असर पड़ा। उनके अनुसार, दोनों को इस निर्णय से झटका लगा और वे सदमे जैसी स्थिति में नजर आए। हालांकि, किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति के बारे में केवल उसके हाव-भाव के आधार पर निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। वकील ने अपनी ओर से अदालत में मौजूद स्थिति का यह विवरण साझा किया।
धारा 302 के तहत 50 हजार और दूसरी धारा में 20 हजार रुपये जुर्माना
वकील के मुताबिक, अदालत ने मौत की सजा के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत 50 हजार रुपये और धारा 238ए के तहत 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। धाराओं और जुर्माने के सटीक विवरण की पुष्टि अदालत के लिखित आदेश से की जानी चाहिए। यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में छिपाने की बात जांच में सामने आई थी। इसी वजह से यह मामला नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुआ।
महिला को मृत्युदंड दिए जाने पर भी हुई चर्चा
वकील ने कहा कि इस मामले में मुस्कान को मौत की सजा सुनाया जाना भी चर्चा का विषय है। उन्होंने इसे महत्वपूर्ण फैसला बताया। मुस्कान की बेटी का हवाला देकर बचाव पक्ष ने नरमी की अपील की थी, लेकिन पीड़ित पक्ष के वकील के अनुसार, अभियोजन के साक्ष्यों ने मामले में अहम भूमिका निभाई। मुस्कान और साहिल को सुनाई गई मौत की सजा मामले की न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है। मृत्युदंड के मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया और उच्च न्यायालय की पुष्टि भी महत्वपूर्ण होती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
