मोदी कैबिनेट के 3 बड़े फैसले, 11.40 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, दिव्यांग पेंशन के नियम बदले, IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी बिकेगी
केंद्र सरकार की कैबिनेट ने 14 अक्टूबर 2026 को तीन बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। रेलवे के करीब 11.40 लाख पात्र कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाएगा, जिसके लिए 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है और न्यूनतम उम्र की शर्त जन्म से लागू होगी।
केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों को बोनस देने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाने और IDBI बैंक में रणनीतिक हिस्सेदारी बेचने से जुड़े तीन बड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दी गई। इसके लिए 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने और जन्म से पेंशन का प्रावधान भी शामिल है। इसके अलावा, सरकार ने IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स से जुड़ी कंपनी को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस
केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी है। इस फैसले से करीब 11,40,770 गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। सरकार इस बोनस के भुगतान पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी। रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाला यह बोनस उनके वेतन और निर्धारित पात्रता के आधार पर दिया जाएगा। प्रति पात्र कर्मचारी अधिकतम 17,951 रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है। बोनस का लाभ ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, तकनीशियन, पॉइंट्समैन और ग्रुप-C के अन्य पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। रेलवे कर्मचारियों को यह बोनस हर साल त्योहारों से पहले दिया जाता है। रेलवे का कहना है कि कर्मचारियों की मेहनत और बेहतर परिचालन प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह भुगतान किया जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की और करीब 7.41 अरब यात्रियों को यात्रा कराई।
दिव्यांग पेंशन के नियम बदले, जन्म से मिलेगी पात्रता
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस कार्यक्रम में दिव्यांग पेंशन की पात्रता और सहायता राशि में बदलाव के साथ कई योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे। अब दिव्यांग पेंशन के लिए निर्धारित दिव्यांगता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। इसका मतलब है कि योजना के अन्य नियमों और पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लोग भी पेंशन के पात्र हो सकेंगे। एक और महत्वपूर्ण बदलाव न्यूनतम उम्र से जुड़ा है। पहले इस योजना के तहत पेंशन की पात्रता के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल थी, लेकिन अब यह सीमा जन्म से लागू होगी। यानी पात्रता की अन्य शर्तें पूरी होने पर जन्म से दिव्यांग बच्चों को भी योजना के दायरे में लाया जा सकेगा। सरकार के अनुसार, संशोधित व्यवस्था के तहत दिव्यांग पेंशन की सहायता राशि 0 से 79 वर्ष की उम्र के लिए 375 रुपये प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों के लिए 625 रुपये प्रति माह होगी। नई पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजना भी जारी रहेंगी। सरकार ने बताया कि कार्यक्रम के इस विस्तार से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा।
IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी फेयरफैक्स को बेचने की मंजूरी
कैबिनेट ने IDBI बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री को भी मंजूरी दी है। यह हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स से जुड़ी कंपनी खरीदेगी। इस सौदे का कुल मूल्य करीब 52,877 करोड़ रुपये बताया गया है। इस सौदे के तहत केंद्र सरकार अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा। इसके बाद सरकार और LIC के पास बैंक की कुल 34 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी रहेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि IDBI बैंक में रणनीतिक भागीदार आने से बैंक में नई पूंजी जुटाने और वित्तीय सेवा क्षेत्र में विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। सरकार ने इस फैसले को छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs), नए कारोबार और उद्योगों की पूंजी संबंधी जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कैबिनेट ने बैंक की पूरी बिक्री नहीं, बल्कि 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी है। सरकार और LIC की संयुक्त 34 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी रहेगी। सौदे को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
कैबिनेट के फैसलों में क्या-क्या बदला?
इन तीन फैसलों का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ेगा। रेलवे बोनस से पात्र कर्मचारियों को त्योहार से पहले अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम में बदलाव से दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता का दायरा बढ़ेगा और योजना पांच साल तक जारी रहेगी। वहीं, IDBI बैंक की रणनीतिक बिक्री से बैंक के स्वामित्व ढांचे में बदलाव होगा और सरकार तथा LIC की हिस्सेदारी घटेगी।
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