यूपी में 22.6 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त: नवरात्रि पर FSDA की छापेमारी, रिफाइंड तेल से बन रही थी क्रीम और सोयाबीन से पनीर
शारदीय नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत 8 और 9 अक्टूबर को प्रदेशभर में की गई छापेमारी में करीब 22,642 किलोग्राम यानी 22.6 टन मिलावटी और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 1.04 करोड़ रुपये है। हापुड़ में रिफाइंड तेल और वनस्पति से मिल्क क्रीम तैयार किए जाने का मामला सामने आया, जबकि एटा की एक डेयरी में सोयाबीन दाल और अन्य सामग्री से सिंथेटिक पनीर बनाने की जानकारी मिली। एटा में 1,500 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया।
शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत 8 और 9 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की गई। इस दौरान घी, मिल्क क्रीम, खाद्य तेल, वनस्पति और व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की गई। दो दिनों में करीब 22,642 किलोग्राम यानी 22.6 टन मिलावटी और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 1.04 करोड़ रुपये बताई गई है। एटा में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताए गए 1,500 किलोग्राम पनीर को मौके पर नष्ट कराया गया। वहीं, हापुड़ और एटा में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए।
हापुड़ में रिफाइंड तेल और वनस्पति से तैयार हो रही थी क्रीम
FSDA की टीम ने हापुड़ के लोदीपुर स्थित देव फ्रेश क्रीम प्रतिष्ठान पर छापा मारा। यहां रिफाइंड तेल और वनस्पति मिलाकर मिल्क क्रीम तैयार किए जाने का मामला सामने आया। टीम ने मौके से 800 किलोग्राम तैयार क्रीम, 2,000 किलोग्राम रिफाइंड तेल और 1,000 किलोग्राम वनस्पति जब्त की। मामले में प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
एटा में सोयाबीन दाल से बनाया जा रहा था पनीर
एटा की सपना डेयरी में छापेमारी के दौरान सिंथेटिक पनीर तैयार किए जाने का मामला सामने आया। विभाग के मुताबिक, यहां सोयाबीन दाल की ग्राइंडिंग मशीन के साथ स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोयाबीन दाल, रैनिपाल केमिकल और रिफाइंड पामोलिन ऑयल का इस्तेमाल किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान 1,500 किलोग्राम घटिया पनीर नष्ट कराया गया। टीम ने जांच के लिए 10 अलग-अलग नमूने भी एकत्र किए। डेयरी संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों तक असुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचने से रोकना है।
लखनऊ में 13.59 टन घी जब्त, कीमत 86 लाख रुपये से ज्यादा
राजधानी लखनऊ में घी की गुणवत्ता और भंडारण से जुड़ी अनियमितताओं पर कार्रवाई की गई। अमीनाबाद स्थित मैसर्स जैन देसी घी प्रतिष्ठान से गंदगी और लेबलिंग मानकों के उल्लंघन के चलते 2,548 किलोग्राम घी जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 17.53 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा श्यामलाल चुन्नीलाल फर्म से अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा 11,040 किलोग्राम घी जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 68.44 लाख रुपये आंकी गई है। दोनों प्रतिष्ठानों से मिलाकर कुल 13,588 किलोग्राम यानी लगभग 13.59 टन घी पर कार्रवाई हुई। जब्त घी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
जौनपुर, औरैया और कानपुर में भी कार्रवाई
अभियान के दौरान जौनपुर में मिथ्या छाप के आधार पर 1,185 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 2.10 लाख रुपये बताई गई है। औरैया में 34 टिन घी जब्त किए गए। कानपुर नगर में पुरशाना फूड प्रोडक्ट्स और शताक्षी ट्रेडर्स के यहां भी कार्रवाई की गई। टीम ने अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी वसा, वनस्पति तेल और रिफाइंड मूंगफली तेल की कुल 2,496 बोतलें जब्त कीं। वहीं, हाथरस और कासगंज में पूजा घी के नाम पर नकली उत्पाद तैयार करने के संदेह में देर रात तक छापेमारी की गई।
कुटू और सिंघाड़े के आटे की भी होगी जांच
नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं और कुटू व सिंघाड़े के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाते हैं। ऐसे में दूषित या मिलावटी आटे से फूड पॉइजनिंग की आशंका को देखते हुए FSDA ने सभी जिलों में फलाहारी उत्पादों के नमूने लेने के निर्देश दिए हैं। विभाग का जोर व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर है, ताकि मिलावटी या असुरक्षित सामग्री के सेवन से लोगों की सेहत को नुकसान न पहुंचे।
छोटे दुकानदारों को परेशान न करने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने प्रवर्तन टीमों को निर्देश दिया है कि अभियान के नाम पर छोटे खुदरा व्यापारियों और पटरी दुकानदारों का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए। विभाग के मुताबिक, कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य बड़े स्तर पर मिलावट करने वाले प्रतिष्ठान, फर्जी लेबल लगाने वाले गिरोह और अखाद्य रसायनों का इस्तेमाल करके खाद्य सामग्री तैयार करने वाली इकाइयां हैं। FSDA का कहना है कि त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
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