सुप्रीम कोर्ट मार्च पर राहुल गांधी समेत 15 नेताओं को नोटिस, CJI सूर्यकांत बोले- कोर्ट को धमका नहीं सकता कोई, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश

12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक विपक्षी नेताओं के मार्च के मामले में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया गया है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अदालत को डराने या दबाव में लाने की कोशिशों का कोई असर नहीं होगा। मामले में CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। चार वकीलों की याचिका में सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन रोकने के लिए नियम बनाने, मार्च के आयोजकों की जिम्मेदारी तय करने और संबंधित घटनाओं की जांच की मांग की गई है।

Oct 15, 2026 - 17:15
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सुप्रीम कोर्ट मार्च पर राहुल गांधी समेत 15 नेताओं को नोटिस, CJI सूर्यकांत बोले- कोर्ट को धमका नहीं सकता कोई, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट परिसर में 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के पहुंचने और मार्च निकालने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अदालत को डराने या दबाव में लाने की कोशिशों का कोई असर नहीं होगा। कोर्ट ने राहुल गांधी समेत 15 नेताओं को नोटिस जारी किया है। वहीं, SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि अदालत को बाहर हो रही टिप्पणियों और अंदर कही जा रही बातों, दोनों की जानकारी है। उन्होंने याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर भी सवाल उठाने की बात कही और कहा कि संबंधित व्यक्ति को इस पर सफाई देनी होगी। मामले में कोर्ट ने CCTV और दूसरे डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं।

CJI बोले- कोर्ट के बाहर क्या कहा जा रहा, हमें सब पता
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को 12 अक्टूबर के मार्च से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अदालत को धमकाकर या दबाव बनाकर प्रभावित नहीं किया जा सकता। CJI ने कहा कि कोर्ट को पता है कि बाहर क्या कहा जा रहा है और अंदर क्या बातें हो रही हैं। अदालत किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं रहती और उसे हर बात की जानकारी है। सुनवाई के दौरान उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर सवाल उठाने की बात कही। CJI के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति को अपने आचरण पर सफाई देनी होगी।

राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 15 नेताओं को नोटिस
12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों के जुटने के मामले में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य 13 नेताओं को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा गया है। इस मामले में अदालत के सामने चुनावी प्रक्रिया और विपक्ष की ओर से उठाई गई आपत्तियों से जुड़े मुद्दे भी हैं।

चार वकीलों ने दाखिल की याचिका, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन रोकने के लिए नियम बनाने, 12 अक्टूबर की घटनाओं के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और मार्च के आयोजकों की भूमिका की जांच कराने की मांग को लेकर चार वकीलों ने याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील गौरव भाटिया ने कोर्ट से राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के दौरान की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के लिए अंतरिम आदेश देने की मांग की। याचिका में आरोप लगाया गया कि उस दौरान राहुल गांधी ने एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया था। यह आरोप है, जिसकी पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और जांच के आधार पर होनी है। सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कानूनी एजेंसियों को CCTV और अन्य डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित फुटेज कोई भी व्यक्ति जमा करा सकता है। प्रदर्शन आयोजित करने वालों की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई गई। याचिका में कहा गया कि प्रदर्शन बुलाने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और उसे दूसरों पर पड़ने वाले परिणामों के लिए जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। इस मांग पर CJI सूर्यकांत ने नोटिस जारी किया।

केरल कांग्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट पर भी उठा सवाल
सुनवाई के दौरान केरल कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट का मुद्दा भी उठाया गया। याचिका में पोस्ट को CJI के खिलाफ बताते हुए इसे अदालत की अवमानना मानने और कार्रवाई करने की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, संबंधित पोस्ट को अब हटा दिया गया है। अदालत में इस मामले को लेकर भी आपत्ति जताई गई। हालांकि, पोस्ट को लेकर लगाए गए आरोप और अदालत की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष के बीच अंतर करना जरूरी है।

CJI ने ज्ञापन लेने से किया इनकार, फिर विपक्ष ने निकाला मार्च
विपक्षी नेताओं की ओर से यह कदम CJI सूर्यकांत से मुलाकात का समय नहीं मिलने के बाद उठाया गया था। 11 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने CJI को पत्र लिखकर ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें मुलाकात का समय नहीं मिला। इसके बाद 12 अक्टूबर की शाम राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी सांसदों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इसके बाद विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट परिसर में पहुंचे। इसी घटनाक्रम के बाद परिसर में राजनीतिक गतिविधियों, प्रदर्शन की अनुमति और नेताओं के आचरण को लेकर कानूनी सवाल उठे। अब अदालत में इन मामलों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है।

चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष के सवाल क्या हैं?
विपक्षी दल SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। दिए गए विवरण के मुताबिक, इस विवाद में चार प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं।

  1. SIR से जुड़े फैसलों पर आपत्ति का दावा
    एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई।
  2. मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया
    मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए जाने का दावा है। ये विषय मतदाता सूची की पारदर्शिता और प्रक्रिया से जुड़े हैं।
  3. फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति
    दिए गए विवरण के मुताबिक, एक मामले में फॉर्म-6 में SIR से संबंधित सवाल जोड़ने पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है।
  4. चुनावी डेटा और काम के बंटवारे पर चिंता
    चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखे जाने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश को नियमों के उल्लंघन से जोड़कर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई। इन मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन दावों और आपत्तियों के निष्कर्षों को स्थापित तथ्य मानने से पहले संबंधित रिपोर्ट, दस्तावेजों और आधिकारिक जवाबों से उनका मिलान जरूरी है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content