मायावती का बड़ा बयान… महिला आरक्षण को 33% समर्थन, देरी के बावजूद बताया ऐतिहासिक कदम, कांग्रेस पर किया हमला

Mayawati: मायावती ने लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का समर्थन किया है। उन्होंने इसे महिलाओं के प्रतिनिधित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए महिला सशक्तिकरण और बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई और आरक्षण की आवश्यकता दोहराई।

Apr 15, 2026 - 12:33
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मायावती का बड़ा बयान… महिला आरक्षण को 33% समर्थन, देरी के बावजूद बताया ऐतिहासिक कदम, कांग्रेस पर किया हमला

Uttar Pradesh Politics: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है, भले ही इसमें काफी देर हुई हो। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर 50 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल पाया तो कम से कम 33 प्रतिशत का लागू होना भी एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत बताया।

33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के हक की ओर पहला कदम
मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करती रही है। हालांकि, अन्य राजनीतिक दल इस पर सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अब जो 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव आया है, वह भी महिलाओं को उनका हक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह भले ही 50 प्रतिशत से कम है, लेकिन फिर भी यह महिलाओं को राजनीति में भागीदारी का अवसर देगा। उन्होंने कहा, अगर 50 नहीं तो 33 प्रतिशत ही सही, यह भी एक अच्छी शुरुआत है।

BSP का रुख और बाबासाहेब अंबेडकर को याद किया
मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को पुरुषों की तरह समान मतदान का अधिकार देकर बड़ा योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि 2023 में पारित कानून को लागू करने में देरी हुई है, लेकिन इसके बावजूद BSP इसका स्वागत करती है। साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर पड़ी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की आवश्यकता भी बताई।

महिला सशक्तिकरण पर राजनीतिक दलों की भूमिका पर सवाल
मायावती ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को लेकर केवल बयानबाजी होती रही है, जबकि वास्तविक नीतियों की कमी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पाया। उन्होंने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग दोहराई।

कांग्रेस पर तीखा हमला, देरी के लिए जिम्मेदार बताया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद कई महत्वपूर्ण फैसलों में जातिगत सोच का प्रभाव रहा, जिसके कारण महिलाओं के आरक्षण में देरी हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस मुद्दे को लंबे समय तक स्वीकार नहीं किया और बाद में इसे टुकड़ों में लागू किया गया। उन्होंने कहा कि इसी कारण डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी कई नीतिगत असहमति के चलते इस्तीफा देना पड़ा था।

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता
मायावती ने देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और हिंसा पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर सख्ती से लागू करना भी जरूरी है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।