ग्रेटर नोएडा वेस्ट में फिर लिफ्ट हादसा, बच्चे और महिलाएं फंसीं
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राइड सोसाइटी में लिफ्ट फंसने से बच्चे और महिलाएं करीब एक घंटे तक अंदर कैद रहे। अलार्म काम नहीं करने और सुरक्षा व्यवस्था खराब होने से लोगों में डर और नाराजगी बढ़ गई है। लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हुआ है।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट से एक बार फिर लिफ्ट फंसने की घटना सामने आई है। हिमालय प्राइड सोसाइटी के टावर ए में लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में रुक गई, जिसमें कई छोटे बच्चे और महिलाएं फंस गईं। ये सभी कन्या पूजन में शामिल होने के लिए दूसरे टावर जा रहे थे, तभी लिफ्ट बंद हो गई। अचानक हुई इस घटना से अंदर मौजूद लोग घबरा गए और मदद के लिए आवाज लगाने लगे।
अलार्म दबाने पर भी नहीं मिली मदद
लिफ्ट में फंसे लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अलार्म बटन दबाया, लेकिन काफी देर तक कोई मदद नहीं पहुंची। छोटे बच्चों और महिलाओं को सांस लेने में परेशानी होने लगी और डर के कारण बच्चे जोर-जोर से रोने लगे। आसपास कोई सुरक्षाकर्मी या मेंटेनेंस स्टाफ समय पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
एक घंटे तक बंद रही लिफ्ट, बिगड़ी हालत
निवासियों के मुताबिक लिफ्ट करीब एक घंटे तक बंद रही। अंदर फंसे लोगों की हालत धीरे-धीरे खराब होने लगी। जब टावर के अन्य लोगों ने शोर सुना तो मौके पर भीड़ जमा हो गई और सभी मिलकर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे। लेकिन लिफ्ट पूरी तरह जाम हो चुकी थी, जिससे राहत पहुंचाने में देरी हुई।
कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित निकाला गया
काफी देर की कोशिश के बाद मेंटेनेंस टीम और लिफ्ट स्टाफ ने लिफ्ट खोलकर सभी लोगों को बाहर निकाला। बाहर आने के बाद कई बच्चे रोते-रोते परेशान हो गए थे, जबकि महिलाओं को बैठाकर पानी दिया गया। थोड़ी देर बाद सभी लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने सभी को डरा दिया।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
सोसाइटी की एओए प्रेसिडेंट सीमा भंडारी ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। 7 मार्च को भी एक लिफ्ट अचानक नीचे गिरने जैसी स्थिति में आ गई थी और 8 मार्च को भी कई लोग लिफ्ट में फंस गए थे। इसके बाद 10 मार्च को निराला स्टेट चौकी और 11 मार्च को बिसरख थाने में शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जांच में भी मिलीं कई खामियां
17 मार्च को विद्युत सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि कई लिफ्ट बंद थीं और जो चल रही थीं, उनमें भी पंखे, अलार्म और अन्य सुरक्षा सिस्टम खराब थे। एओए के वाइस प्रेसिडेंट प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी के बीच विवाद के कारण स्थिति खराब हो रही है।
खतरा बना हुआ, लोग डर के साए में
हालांकि इस घटना में सभी सुरक्षित बच गए, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने सोसाइटी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। करीब 1100 परिवार यहां रहते हैं, जो अब डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
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