रामनगरी अयोध्या में गूंजा ध्यान और साधना का स्वर, देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं को मिली मानसिक शांति
श्री श्री रवि शंकर के मार्गदर्शन में अयोध्या में चार दिवसीय आध्यात्मिक ध्यान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न राज्यों से लगभग 50 प्रतिभागी ध्यान और आध्यात्मिक सत्रों में भाग ले रहे हैं।
रामनगरी अयोध्या में इन दिनों आध्यात्मिक माहौल के बीच चार दिवसीय साधना और मेडिटेशन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। श्री श्री रविशंकर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों से श्रद्धालु और साधक पहुंचे हैं। उदासीन आश्रम में चल रहे इस विशेष शिविर में लोग ध्यान, मेडिटेशन और मानसिक शांति के अभ्यास कर रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल लोगों का कहना है कि ध्यान और साधना से उन्हें तनाव से राहत और सकारात्मक ऊर्जा मिल रही है। यह शिविर 7 मई से शुरू हुआ है और 10 मई तक चलेगा। आयोजन में लगभग 50 साधक भाग ले रहे हैं।
ध्यान और मेडिटेशन से मिल रही मानसिक शांति
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक आनंद देसाई और निमिषा देसाई हैं। आयोजन में सुल्तानपुर निवासी पल्लवी, लालजी, संतोष और जितेंद्र सहयोग कर रहे हैं। वहीं कार्यक्रम के आयोजक चिकित्सक डॉ. आर.ए. वर्मा हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था की जिम्मेदारी जितेंद्र श्रीवास्तव संभाल रहे हैं। शिविर में शामिल साधकों ने बताया कि लगातार ध्यान और मेडिटेशन करने से उनके मन को शांति मिल रही है। कई लोगों ने कहा कि इससे मानसिक तनाव कम हो रहा है और सोच में सकारात्मक बदलाव महसूस हो रहा है। लोगों का कहना है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में इस तरह के कार्यक्रम मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रमों की दी जानकारी
मुख्य प्रशिक्षक आनंद देसाई ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन दुनिया के 192 से अधिक देशों में कार्य कर रही है। संस्था का मुख्य उद्देश्य “हिंसा मुक्त विश्व और तनाव मुक्त मन” बनाना है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा 65 से अधिक प्रकार के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि “हैप्पीनेस प्रोग्राम” पूरा करने के बाद साधकों को “एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम” में शामिल होने का अवसर दिया जाता है। संस्था के उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पहले सुदर्शन क्रिया और हैप्पीनेस प्रोग्राम करना जरूरी होता है।
सेवा कार्यों में लगाया जाता है संस्थान का योगदान
आयोजकों के अनुसार, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संस्था है। संस्था द्वारा कार्यक्रमों से होने वाली आय को सेवा कार्यों में लगाया जाता है। देशभर में संस्था 1200 से अधिक निःशुल्क विद्यालय संचालित कर रही है, जहां एक लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान साधकों में काफी उत्साह देखने को मिला। आयोजकों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के आध्यात्मिक शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली से जुड़ सकें।
(रिपोर्टः अनूप कुमार अयोध्या)
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