UP में कैबिनेट विस्तार से पहले महासंग्राम… बृजभूषण सिंह ने शायरी से साधा योगी सरकार पर निशाना? बोले- जिस शाख पे बैठे हो वो टूट भी सकती है
Brij Bhushan Sharan Singh: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले पूर्व बीजेपी सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह की एक शायरी वाली पोस्ट चर्चा में आ गई है। इसे उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि वह अपने बेटे को मंत्री बनवाना चाहते थे, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट अचानक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक शायरी पोस्ट करते हुए लिखा, शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पे बैठे हो वो टूट भी सकती है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद यूपी की राजनीति में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं।
क्या कैबिनेट विस्तार से नाराज हैं बृजभूषण ?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह पोस्ट योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर नाराजगी का संकेत हो सकता है। माना जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने बेटे प्रतीक सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दिलाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि उन्होंने कभी खुलकर इस बारे में कोई बयान नहीं दिया, लेकिन लंबे समय से राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चाएं चल रही थीं। सूत्रों की मानें तो इस बार होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन नामों की चर्चा है, उनमें किसी ठाकुर चेहरे को शामिल नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। इसी वजह से उनके पोस्ट को ठाकुर समाज की नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
*“शोहरत की बुलंदी भी
पल भर का तमाशा है
जिस शाख़ (डाल) पे बैठे हो
वो टूट भी सकती है”* — BrijBhushan Sharan Singh (@b_bhushansharan) May 10, 2026
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर बीजेपी का फोकस
बताया जा रहा है कि बीजेपी इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का फोकस ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मीकि, लोधी और अति पिछड़े वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर है। सूत्रों के मुताबिक योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में कुल आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें छह नए चेहरे शामिल हो सकते हैं, जबकि दो राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है।
सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा
बृजभूषण शरण सिंह का यह पोस्ट अब केवल एक शायरी नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बड़ा राजनीतिक संदेश समझा जा रहा है। हालांकि बीजेपी की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल यूपी में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं और बृजभूषण की यह पोस्ट उस बहस को और हवा देती नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी सामाजिक समीकरणों को साधने की बड़ी तैयारी में जुटी हुई है।
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