ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदना हो सकता है महंगा, 20 मार्च की बैठक में बड़ा फैसला संभव
ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें 10-35% तक बढ़ सकती हैं, 20 मार्च की बैठक में बड़ा फैसला संभव है।
Uttar Pradesh News: ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। 20 मार्च को होने वाली यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इस बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, जहां आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के साथ कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इस फैसले का सीधा असर प्लॉट, फ्लैट और औद्योगिक जमीन की कीमतों पर पड़ेगा।
10 से 35 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं दाम
सूत्रों के अनुसार, पिछले साल की तरह इस बार भी प्राधिकरण प्रॉपर्टी की कीमतों में 10 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकता है। यदि यह प्रस्ताव पास होता है तो नए खरीदारों के लिए प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। हालांकि निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर माना जा रहा है, क्योंकि कीमतें बढ़ने से उन्हें भविष्य में अधिक लाभ मिल सकता है।
12 हजार करोड़ के बजट पर भी होगी चर्चा
बोर्ड बैठक में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 12 हजार करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी मिलने की संभावना है। यह बजट मुख्य रूप से जमीन खरीद, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और नई परियोजनाओं को गति देने के लिए खर्च किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, करीब 7500 करोड़ रुपए केवल भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जा सकते हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और नए सेक्टरों पर फोकस
अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण नए सेक्टरों में जमीन खरीदने और विकास कार्यों को तेज करने की योजना बना रहा है। इसके तहत सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं। इससे क्षेत्र में रियल एस्टेट गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।
बड़े प्रोजेक्ट्स को मिल सकती है मंजूरी
बैठक में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी फैसला लिया जा सकता है। अलीगढ़ और मथुरा में ऐसे प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना है, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा जापानी, कोरियन और सिंगापुर सिटी जैसे निवेश प्रस्तावों पर भी चर्चा संभव है।
निवेशकों और आवंटियों को राहत की तैयारी
सिंगापुर सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स में आवंटियों को राहत देने और निर्माण अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इससे निवेशकों को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और योजनाएं तेजी से जमीन पर उतर सकेंगी।
गांव और किसानों के लिए भी योजनाएं
प्राधिकरण गांवों के विकास और किसानों को लाभ देने पर भी विचार कर रहा है। किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड देने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए बजट बढ़ाने की योजना है। इससे स्थानीय लोगों को सीधा फायदा मिल सकता है।
रियल एस्टेट एक्सपर्ट की राय
रियल एस्टेट से जुड़े विक्रम कसाना का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के कारण इस क्षेत्र का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट बनने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से बड़े बिल्डर्स और कंपनियां यहां जमीन खरीदने में रुचि दिखा रही हैं। उनके पास रोजाना कई पूछताछ भी आ रही हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
