इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बहू पर नहीं है सास-ससुर के भरण-पोषण की जिम्मेदारी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि बहू अपने सास-ससुर के भरण-पोषण के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BNSS की धारा 144 में सास-ससुर शामिल नहीं हैं और नैतिक दायित्व को कानूनी दायित्व नहीं माना जा सकता।

Mar 30, 2026 - 11:02
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इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बहू पर नहीं है सास-ससुर के भरण-पोषण की जिम्मेदारी

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि बहू अपने सास-ससुर के भरण-पोषण के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125, जो अब भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के रूप में लागू है, उसके तहत सास-ससुर को भरण-पोषण मांगने का अधिकार नहीं दिया गया है। इस फैसले से ऐसे मामलों में कानून की स्थिति साफ हो गई है।

कानून में स्पष्ट नहीं है सास-ससुर का अधिकार
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस मदन पाल सिंह ने कहा कि भरण-पोषण का अधिकार एक वैधानिक अधिकार है और यह केवल उन्हीं लोगों को मिलता है जिनका उल्लेख कानून में साफ तौर पर किया गया है। उन्होंने कहा कि सास-ससुर इस श्रेणी में नहीं आते हैं, इसलिए बहू को उनके भरण-पोषण के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर किसी को कानूनी रूप से बाध्य नहीं किया जा सकता।

याचिका खारिज करते हुए कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने एक बुजुर्ग दंपति की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में आगरा की फैमिली कोर्ट के अगस्त 2025 के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें उनके भरण-पोषण के आवेदन को खारिज कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि विधायिका ने जानबूझकर इस कानून के दायरे में सास-ससुर को शामिल नहीं किया है, इसलिए बहू पर यह जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।

बुजुर्ग दंपति ने क्या तर्क दिए
दंपति ने अपनी याचिका में कहा था कि वे बुजुर्ग, अनपढ़ और आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपने बेटे पर निर्भर थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बहू उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है और उसके पास पर्याप्त आय है। दंपति का कहना था कि बहू का नैतिक कर्तव्य है कि वह उनका भरण-पोषण करे और इसे कानूनी दायित्व माना जाना चाहिए।

कोर्ट ने तर्कों को किया खारिज
कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि बहू को नौकरी अनुकंपा के आधार पर मिली थी। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मृत बेटे की संपत्ति से जुड़े उत्तराधिकार के मुद्दे भरण-पोषण के इस प्रकार के मामलों में शामिल नहीं किए जा सकते। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि ऐसे मामलों में केवल कानून के दायरे में आने वाले अधिकार ही मान्य होंगे।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।