मिडिल ईस्ट संकट के बीच PM मोदी का बड़ा कदम, काफिले की गाड़ियां की आधी, अब ई-रिक्शा और साइकिल से चलेंगे मंत्री!
मिडिल ईस्ट संकट के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले की गाड़ियां आधी कर दी हैं। कई मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी अब ई-स्कूटर, मेट्रो, बस और साइकिल का उपयोग कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की सरकारी व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने बड़े स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसकी शुरुआत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या लगभग आधी करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने को भी कहा है। खास बात यह है कि इसके लिए नए वाहन खरीदने की बजाय पुराने संसाधनों का ही उपयोग करने पर जोर दिया गया है। अब कई राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री भी इसी दिशा में कदम उठा रहे हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह ने कम किए काफिले
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सुरक्षा काफिले में 50 फीसदी तक कटौती करने को कहा है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या आधे से भी कम कर दी है। केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों ने भी ईंधन बचाने की कवायद शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल ने एस्कॉर्ट वाहन न लेने का फैसला किया है।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मैदान में उतरे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने काफिले, मंत्रियों और अधिकारियों की गाड़ियों की संख्या में 50 फीसदी कमी का आदेश दिया है। उन्होंने सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे मनाने और सरकारी बैठकों को 50 फीसदी तक ऑनलाइन करने का निर्देश भी दिया है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। उन्होंने मंत्रियों से कम गाड़ियों के इस्तेमाल और बिना जरूरत वाहन रैली न निकालने को कहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी सुरक्षा और सरकारी काम में अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने का निर्देश दिया है।
बिहार और दिल्ली में भी नई पहल
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अतिरिक्त वाहन न लाने की अपील की है। लोगों को मेट्रो, बस, ऑटो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। सरकारी कैंटीन में पाम ऑयल कम इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। दिल्ली में भाजपा नेता रेखा गुप्ता ने कार पूलिंग को बढ़ावा देने और कम से कम वाहनों के उपयोग की बात कही है।
अब ई-स्कूटर, मेट्रो और साइकिल से सफर
मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-स्कूटर चलाते नजर आए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अपील के बाद वह पेट्रोल बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ने सरकारी गाड़ी छोड़कर ई-रिक्शा से सफर शुरू किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद सरकारी काम के लिए मेट्रो और ई-रिक्शा का उपयोग कर रहे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के कवर्धा समेत कई जिलों में एसपी और पुलिस अधिकारी सरकारी गाड़ियों की जगह साइकिल से दफ्तर पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्राओं पर रोक लगा दी है। वहीं गुजरात के राज्यपाल ने राज्य के भीतर ट्रेन और बस से यात्रा करने का फैसला लिया है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा भी रद्द कर दी है।
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