चंदौली एनकाउंटर में मारा गया गुरप्रीत सिंह था साइको किलर? पुलिस का बड़ा खुलासा, 7 और लोगों की हत्या की थी तैयारी
Gurpreet Singh psycho killer: चंदौली में एनकाउंटर में मारा गया रिटायर्ड फौजी गुरप्रीत सिंह पुलिस जांच में एक खतरनाक साइको किलर निकला। उसने 25 घंटों में 3 लोगों की हत्या की थी और पुलिस के अनुसार उसके निशाने पर 7 और लोग थे। आरोपी बैग में हथियार लेकर घूम रहा था।
Chandauli Encounter News: उत्तर प्रदेश के चंदौली में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया सेना का रिटायर्ड जवान गुरप्रीत सिंह कोई सामान्य अपराधी नहीं था। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह एक खतरनाक साइको किलर बन चुका था। पुलिस का दावा है कि अगर उसे समय रहते नहीं रोका जाता, तो मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता था। गुरप्रीत ने सिर्फ 25 घंटों के भीतर 3 लोगों की हत्या कर दी थी और उसके पास अभी 7 कारतूस बाकी थे। पुलिस के अनुसार, वह 7 और लोगों को निशाना बनाने की तैयारी में था। क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई।
एक जैसे तरीके से की थीं तीन हत्याएं
पुलिस के मुताबिक, गुरप्रीत सिंह ने जिन तीन लोगों की हत्या की, उनमें एक समान तरीका अपनाया गया था। उसने बिना किसी दुश्मनी या पहचान के लोगों की कनपटी पर सटाकर गोली मारी थी। उसके पास कुल 10 कारतूस थे, जिनमें से 3 का इस्तेमाल हो चुका था और 7 अभी बाकी थे। इसी वजह से पुलिस मान रही है कि वह और लोगों की हत्या कर सकता था।
सेना से रिटायर होने के बाद बदल गया व्यवहार
45 साल का गुरप्रीत सिंह पंजाब के तरनतारन जिले के तरहतूचक गांव का रहने वाला था। वह साल 2006 में सेना में भर्ती हुआ था और 2021 में 15 साल की सेवा के बाद रिटायर हुआ। गांव वालों के अनुसार, सेना में रहते समय वह पूरी तरह धार्मिक जीवन जीता था और पगड़ी व दाढ़ी रखता था। लेकिन रिटायरमेंट के बाद वह डिप्रेशन में रहने लगा। उसने अपने बाल और दाढ़ी कटवा ली थी। वह शराब का आदी हो गया था और ज्यादातर चुप रहता था। वह अपनी पत्नी, 13 साल के बेटे और 14 साल की बेटी के साथ रहता था।
नौकरी छूटने के बाद बढ़ी सनक
आर्मी से रिटायर होने के बाद गुरप्रीत ने एक सिक्योरिटी एजेंसी में नौकरी की। उसकी ड्यूटी कोलकाता के एक बैंक में लगी थी, लेकिन शराब पीने की वजह से उसे वहां से हटा दिया गया। इसके बाद वह बिहार के आरा पहुंचा और एक बैंक में गार्ड की नौकरी करने लगा। वहां भी कुछ दिनों में उसका झगड़ा हो गया और बैंक मैनेजर ने उसे नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद वह पंजाब लौटने के बजाय चंदौली और मुगलसराय इलाके में भटकने लगा। पुलिस का मानना है कि यहीं से उसके अंदर की हिंसक मानसिकता और बढ़ गई।
बैग में बंदूक लेकर घूमता रहा आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गुरप्रीत अपने बैग में रिवॉल्वर और डबल बैरल बंदूक लेकर घूम रहा था। उसने बंदूक की नाल काट दी थी ताकि हथियार आसानी से बैग में रखा जा सके। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुगलसराय जैसे बड़े रेलवे जंक्शन पर लगे मेटल डिटेक्टर भी उसे पकड़ नहीं सके। वह रातभर स्टेशन पर घूमता रहा और बाद में ट्रेनों में हत्याएं कीं। इसके बाद उसने अस्पताल में भर्ती एक महिला की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने क्या कहा?
वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्णा ने बताया कि गुरप्रीत के पास करीब 10 हजार रुपये और कुछ कपड़े मिले थे। पूछताछ के दौरान वह हत्याओं की कोई ठोस वजह नहीं बता सका। डीआईजी के मुताबिक, उसे खुद भी नहीं पता था कि वह क्या कर रहा है। जो भी उसके सामने आया, उसने उसे गोली मार दी। फिलहाल पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पंजाब में उसके परिवार को सूचना दे दी गई है, लेकिन अभी उसकी पत्नी को उसकी मौत की जानकारी नहीं दी गई है।
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