ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं, अब असली शुरुआत… एक साल बाद सेना का बड़ा बयान, पाकिस्तान को कैसे मिला सबक?
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर सेना ने बड़ा खुलासा किया है। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि यह ऑपरेशन अंत नहीं बल्कि शुरुआत है। इसमें स्वदेशी हथियारों, सटीक खुफिया जानकारी और रणनीति से दुश्मन को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया और भारत की ताकत दुनिया को दिखाई गई।
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर 7 मई को जयपुर में भारतीय सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने साफ कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं है, यह तो बस शुरुआत है।” उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में भारत ने अपने सभी लक्ष्य हासिल किए और दुश्मन को कड़ा सबक सिखाया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि सेना आगे भी ऐसी कार्रवाई के लिए तैयार है।
कैसे सफल हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह योजनाबद्ध था। इसमें सटीक और तेज प्रहार किए गए, जिससे दुश्मन की रणनीति बदल गई। भारत ने बिना किसी लंबे युद्ध में फंसे अपने लक्ष्य हासिल कर लिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में लंबे संघर्ष चल रहे हैं, लेकिन भारत ने कम समय में सटीक कार्रवाई कर अपनी ताकत दिखाई। उन्होंने यह भी बताया कि खुफिया एजेंसियों ने बेहद सटीक जानकारी दी, जिससे लक्ष्य तय करना आसान हुआ और हमला सफल रहा।
साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की बड़ी भूमिका
सेना ने बताया कि इस ऑपरेशन में साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध इकाइयों ने भी अहम भूमिका निभाई। इन इकाइयों ने सूचना पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना आसान हुआ। सरकार ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल को संभाला और देश के अंदर लोगों को भरोसा दिलाया। सेना ने पूरी कार्रवाई अनुशासन, सटीकता और कम से कम नुकसान के साथ पूरी की।
स्वदेशी हथियारों ने दिखाई ताकत
राजीव घई ने कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत की आत्मनिर्भरता को साबित किया। उन्होंने बताया कि 65% से ज्यादा रक्षा उपकरण अब देश में ही बन रहे हैं। ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए हथियार, मिसाइल, रॉकेट, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का बड़ा हिस्सा भारत में ही तैयार किया गया था। इसमें ब्रह्मोस और आकाश जैसी मिसाइलों के साथ उन्नत निगरानी और लक्ष्य प्रणाली ने अहम भूमिका निभाई। इससे सेना को तेजी और आत्मविश्वास के साथ जवाब देने में मदद मिली।
पहलगाम हमले के बाद हुई थी कार्रवाई
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने यह ऑपरेशन शुरू किया था। सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान दबाव में आ गया और शांति की अपील की, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया। अब एक साल बाद सेना का यह बयान साफ करता है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति का संकेत भी है।
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