मायावती ने 2027 के सर्वे पर उठाए सवाल, बोलीं- बसपा को निशाना बनाकर फैलाया जा रहा झूठा प्रचार, 2007 की जीत याद दिलाकर की पांचवीं बार सरकार बनाने की अपील
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आ रहे चुनावी सर्वे को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फर्जी सर्वे तथा भ्रामक प्रचार के माध्यम से बहुजन समाज पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है। मायावती ने 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी बसपा के खिलाफ ऐसा माहौल बनाया गया था, लेकिन पार्टी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी।
उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड और पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आ रहे चुनावी सर्वे को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सर्वे को झूठा और ध्यान भटकाने वाला बताते हुए आरोप लगाया कि जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए बसपा को निशाना बनाया जा रहा है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ऐसे प्रचार से सावधान रहने की अपील की। साथ ही 2007 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी बसपा के खिलाफ ऐसा ही माहौल बनाया गया था, लेकिन पार्टी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी।
चुनावी सर्वे को लेकर मायावती ने जताई नाराजगी
मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बसपा अपने उम्मीदवारों के चयन और जमीनी तैयारियों में जुटी है। इसी बीच जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर फर्जी सर्वे और भ्रामक प्रचार शुरू कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रचार के जरिए बसपा को निशाना बनाया जा रहा है, जो दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मायावती ने इसे धनबल के दुरुपयोग से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों का मकसद जनता का ध्यान भटकाना है।
2007 की जीत का हवाला देकर मीडिया पर साधा निशाना
बसपा प्रमुख ने अपने बयान में 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान बसपा के खिलाफ प्रायोजित सर्वे और गलत प्रचार किया जाता रहा है, लेकिन 2007 में पार्टी ने इन कयासों को गलत साबित कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। मायावती के मुताबिक, उस सरकार के दौरान प्रदेश में कानून के राज और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति के आधार पर कल्याणकारी व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास किया गया था। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब सभी प्रमुख राजनीतिक दल 2027 के चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं से पांचवीं बार बसपा सरकार बनाने की अपील
मायावती ने बसपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं से विरोधी दलों तथा जातिवादी तत्वों के कथित दुष्प्रचार से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले समाजवादी पार्टी और अब भाजपा के शासन से असंतुष्ट सर्वसमाज, खासकर बहुजन समाज के लोगों को ऐसे प्रचार से प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ पार्टी की तैयारियों में जुटे रहने और उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनाने के लक्ष्य पर काम करने को कहा। मायावती ने दावा किया कि बसपा की सरकार बनने में ही सभी वर्गों का हित सुरक्षित है।
2027 के चुनाव से पहले बसपा की रणनीति पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच मायावती का यह बयान अहम माना जा रहा है। बसपा प्रमुख ने एक ओर चुनावी सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का संदेश दिया है। हालांकि, चुनावी सर्वे को लेकर मायावती ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन उनके बयान में किसी खास सर्वे एजेंसी का नाम नहीं लिया गया। ऐसे में सर्वे की विश्वसनीयता और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है।
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