युद्ध के बीच राहत, कमर्शियल LPG का आवंटन बढ़ाकर 70% किया गया
वैश्विक संकट के बीच सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया है, जिससे भारत में स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिखाई दे रहा है। इसका सीधा असर भारत में भी कमर्शियल एलपीजी (LPG) की उपलब्धता पर पड़ा था, जिससे होटल, ढाबे और उद्योगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया है, जिससे कई क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कटौती की वजह और हॉर्मुज जलडमरूमध्य का असर
दरअसल, हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। पिछले करीब चार हफ्तों से जारी युद्ध के कारण इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने पहले कमर्शियल गैस की सप्लाई में कटौती की थी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह था कि घरेलू रसोई गैस की सप्लाई किसी भी हालत में प्रभावित न हो और आम लोगों को परेशानी न हो।
अब किसे मिलेगा ज्यादा गैस कोटा
अब हालात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कमर्शियल गैस का आवंटन बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले 21 मार्च को सरकार ने 20 प्रतिशत अतिरिक्त गैस जरूरी क्षेत्रों जैसे रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए दी थी, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत तक पहुंचा था। अब नई वृद्धि से उद्योगों को भी राहत मिलेगी।
मंत्री ने क्या कहा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, नई 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का मुख्य फोकस स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, रसायन और प्लास्टिक जैसे उद्योगों पर होगा। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जो लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिकता उन उद्योगों को दी जाए, जहां गैस का विकल्प उपलब्ध नहीं है।
PNG को बढ़ावा देने की तैयारी
इस संकट के बाद सरकार अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा दे रही है। राज्यों से कहा गया है कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को तेजी से मंजूरी दी जाए। अब तक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र के निर्देशों के अनुसार गैस आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं।
देश में गैस की उपलब्धता और स्थिति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की दैनिक जरूरत करीब 80 टीएमटी है, जबकि अब देश खुद 50 टीएमटी एलपीजी का उत्पादन कर रहा है। इससे आयात पर निर्भरता घटकर 30 टीएमटी रह गई है। इसके अलावा अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से 800 टीएमटी एलपीजी के कार्गो भारत आ रहे हैं। देश के पास एक महीने का पर्याप्त गैस बैकअप भी मौजूद है।
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