इस्लामाबाद नहीं अब जिनेवा में होगी ईरान-अमेरिका की बैठक, ट्रंप के एक बयान ने बदला पूरा गेम
Iran US Deal: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे तनाव के बाद अब समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। दोनों देशों में परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज नाकाबंदी और आर्थिक प्रतिबंध हटाने जैसे तीन अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। अब एक पेज के समझौता प्रस्ताव और जिनेवा बैठक को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बाद अब समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति होती दिखाई दे रही है। दोनों देशों के बीच तीन अहम मुद्दों पर सहमति बनने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब दोनों पक्ष एक पेज का समझौता प्रस्ताव जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। ईरान की तरफ से अंतिम जवाब आने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल आमने-सामने की बैठक करेंगे। इस बार यह बैठक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की जगह स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हो सकती है। इसको लेकर दो बड़े संकेत भी सामने आए हैं, जिससे माना जा रहा है कि समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
जिनेवा में बैठक कराने की कोशिश क्यों?
जानकारी के मुताबिक ईरान चाहता है कि बातचीत इस्लामाबाद के बजाय जिनेवा में हो। इससे पहले भी जंग शुरू होने से पहले जिनेवा में बैठक का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उससे पहले अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया था। अब फिर से जिनेवा का नाम सामने आने से कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी मीडिया संस्था एक्सियोस की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैठक की जगह अभी तय नहीं हुई है, लेकिन जिनेवा को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है। जिनेवा पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय शांति समझौतों का केंद्र रहा है। फ्रांस-वियतनाम और सोवियत-अफगानिस्तान समझौते जैसे बड़े फैसले यहीं हुए थे। जिनेवा संधि के तहत युद्ध में घायल सैनिकों के साथ मानवीय व्यवहार को भी अनिवार्य बनाया गया था।
ट्रंप के बयान से बढ़ी चर्चा
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्टर डूनबोर्स ने समझौते की खबर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। ट्रंप ने कहा कि समझौता लगभग फाइनल है, लेकिन अभी इस्लामाबाद जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि सबकुछ पूरी तरह तय नहीं हुआ है। रिपोर्टर का कहना है कि ईरान भी इस समझौते को लेकर सहमत नजर आ रहा है।
किन तीन मुद्दों पर बनी सहमति?
व्हाइट हाउस सूत्रों के हवाले से एक्सियोस ने बताया कि पहला मुद्दा परमाणु हथियारों को लेकर है। ईरान इस बात पर सहमत हुआ है कि वह परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा। उसके पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को या तो कम किया जाएगा या खत्म किया जाएगा। दूसरी सहमति होर्मुज क्षेत्र को लेकर बनी है। ईरान और अमेरिका दोनों अपनी-अपनी नाकाबंदी हटाने पर राजी हुए हैं। फिलहाल ईरान ने होर्मुज के अंदर और अमेरिका ने बाहर से दबाव बना रखा है। तीसरा और सबसे बड़ा मुद्दा आर्थिक प्रतिबंधों का है। अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाने और फ्रीज की गई रकम लौटाने पर सहमत हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रक्रिया से ईरान को 150 अरब डॉलर से ज्यादा रकम मिलने की उम्मीद है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिल सकती है।
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