उद्यान विभाग की योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, किसानों को डीबीटी से मिलेगा अनुदान
अमेठी बागवानी विभाग ने विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया है। सब्सिडी की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
अमेठी जिले में उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ अब किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने योजनाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसानों का चयन “प्रथम आवक-प्रथम पावक” के आधार पर किया जाएगा और पात्र किसानों को अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजी जाएगी। विभाग ने किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील की है ताकि समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
ऑनलाइन पोर्टल पर करना होगा पंजीकरण
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इच्छुक किसान वन यूपी हॉर्टिकल्चर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के दौरान किसानों को अपना जनपद, नाम, आधार संख्या, मोबाइल नंबर और पासवर्ड दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद किसान को अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी।
जरूरी दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य
ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खतौनी से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। साथ ही संबंधित दस्तावेजों की कॉपी भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को ऑनलाइन पावती प्राप्त होगी। जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से अपील की कि आवेदन के बाद आधार कार्ड, बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की स्पष्ट छायाप्रति और खतौनी की मूल प्रति जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें।
कई योजनाओं का मिलेगा लाभ
उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत किसानों को केला रोपण, आम रोपण, मसाला कार्यक्रम और सब्जी उत्पादन कार्यक्रम का लाभ दिया जाएगा। सब्जी कार्यक्रम में संकर लौकी, करैला, तरोई, खीरा, टमाटर, पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी फसलों की खेती को शामिल किया गया है। विभाग का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती और बागवानी के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
कार्य पूरा होने के बाद मिलेगा अनुदान
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसानों को शासनादेश के अनुसार स्वयं के खर्च से कार्य पूरा करना होगा। कार्य पूरा होने और रसीद जमा करने के बाद विभागीय सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद निर्धारित अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
(रिपोर्टः बृजेश मिश्रा, अमेठी)
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