जेल से रिहा होते ही गायब हुआ स्क्रैप माफिया रवि काना, 15 जिलों में नोएडा पुलिस का बड़ा ऑपरेशन

कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना बांदा जेल से अदालत की अनुमति के बिना रिहा होने के बाद लापता हो गया है। नोएडा पुलिस ने बड़े पैमाने पर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

Feb 1, 2026 - 11:55
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जेल से रिहा होते ही गायब हुआ स्क्रैप माफिया रवि काना, 15 जिलों में नोएडा पुलिस का बड़ा ऑपरेशन

Uttar Pradsh News: उत्तर प्रदेश के नोएडा का कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना उर्फ रवि नागर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह उसकी आपराधिक गतिविधियां नहीं, बल्कि जेल से बाहर आते ही उसका रहस्यमय तरीके से लापता हो जाना है। रवि काना बांदा जेल में बंद था, लेकिन कोर्ट की अनुमति के बिना ही उसे रिहा कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि उसके खिलाफ नोएडा कोर्ट से बी वारंट जारी था। जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, अचानक गायब हो गया। इस मामले ने पुलिस, जेल प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

जेल से रिहाई पर उठे सवाल, अधीक्षक सस्पेंड
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गौतम बुद्ध नगर की कोर्ट ने सवाल उठाया कि बी वारंट जारी होने के बावजूद रवि काना को पेश क्यों नहीं किया गया। कोर्ट की बिना अनुमति के रिहाई को गंभीर लापरवाही माना गया। मामला तूल पकड़ने के बाद बांदा जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। अब यह जांच का विषय है कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

नोएडा पुलिस की पांच टीमें तलाश में जुटीं
रवि काना के लापता होते ही नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। पुलिस की पांच स्पेशल टीमें यूपी के करीब 15 जिलों में दबिश दे रही हैं। पश्चिमी यूपी के कई जिलों के साथ-साथ नेपाल बॉर्डर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस को आशंका है कि रवि काना या तो किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा है या फिर नेपाल के रास्ते देश से बाहर भागने की कोशिश कर सकता है।

सरिया और स्क्रैप के अवैध कारोबार का सरगना
नोएडा पुलिस के अनुसार, रवि काना संगठित अपराध गिरोह का मुखिया है। इसका गैंग नंबर डी-190 है, जिसमें 18 अन्य सदस्य शामिल हैं। यह गैंग अवैध तरीके से सरिया और स्क्रैप के कारोबार को नियंत्रित करता था। कंपनियों पर दबाव डालकर स्क्रैप का टेंडर किसी और को नहीं लेने दिया जाता था। अधिकतर कंपनियां मजबूरी में इसी गैंग को स्क्रैप देती थीं।

करोड़ों की संपत्ति और लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
रवि काना और उसके परिवार के नाम पर आधा दर्जन कंपनियां हैं और करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बताई जा रही है। पुलिस पहले ही कई वाहन, बैंक खाते और औद्योगिक भूखंड कुर्क कर चुकी है। इसके बावजूद उसके गुर्गे अब भी सक्रिय हैं। रवि काना के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 29 केस दर्ज हैं। वहीं उसके गैंग के 18 सदस्यों पर 131 मुकदमे चल रहे हैं।

पहले भी विदेश भाग चुका है आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रवि काना पहले भी अदालत की शर्तों का उल्लंघन कर पासपोर्ट जमा किए बिना जनवरी 2024 में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ विदेश भाग गया था। बाद में रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ और अप्रैल 2024 में उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। अब एक बार फिर उसके फरार होने पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर तुरंत गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।