मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रशासन अलर्ट, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की हुई गहन समीक्षा
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले, सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने प्रतापगढ़ में विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं की समीक्षा की। बेहतर व्यवस्था और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए निर्देश जारी किए गए।
प्रतापगढ़ जनपद में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के संभावित भ्रमण, स्थलीय निरीक्षण और विकास कार्यों की समीक्षा को देखते हुए अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. दिव्या मिश्रा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनसुविधाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी सामने न आए।
जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर
बैठक में सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न हो, बल्कि गुणवत्ता के साथ किया जाए। इसके अलावा कार्यालयों में साफ-सफाई, फाइलों और पत्रावलियों के व्यवस्थित रख-रखाव तथा उपस्थिति पंजिका के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी अवकाश पर है या कार्यालय से बाहर गया है, तो उसका विवरण उपस्थिति पंजिका में अनिवार्य रूप से दर्ज होना चाहिए।
पेयजल, शौचालय और योजनाओं की समीक्षा
सीडीओ ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं अच्छी स्थिति में रहनी चाहिए। बैठक में हर घर नल योजना, कृषि विभाग की योजनाएं, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, स्टेडियम और मिनी स्टेडियम निर्माण, ऊर्जा विभाग के सब स्टेशन, पशु चिकित्सा केंद्र और गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की उपयोगिता, संचालन व्यवस्था और लाभार्थियों से मिलने वाले फीडबैक की भी जांच की जाएगी।
गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर दिए विशेष निर्देश
बैठक के बाद सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों और एडीओ पंचायत के साथ अलग बैठक कर गौशालाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि गौवंशों के शव खुले में न छोड़े जाएं और उनका नियमानुसार निस्तारण कराया जाए। साथ ही गौशालाओं में बैरिकेडिंग, जल निकासी, हरे चारे, भूसे, पानी और छाया की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार सिंह समेत कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
