वंदे मातरम् पर छिड़ा महायुद्ध… ओवैसी ने सरकार के फैसले का किया विरोध, BJP बोली- जिन्ना जैसी सोच
Asaduddin Owaisi: वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जैसी सुरक्षा देने के फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी ने विरोध जताया है। उन्होंने इसे धार्मिक बताया। बीजेपी ने पलटवार किया। यह मुद्दा अब संवैधानिक और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
केंद्र सरकार के एक फैसले ने देश में नई बहस को जन्म दे दिया है। सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जन गण मन के समान वैधानिक सुरक्षा देने का प्रस्ताव मंजूर किया है। इस फैसले के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसका कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता। इस मुद्दे पर अब राजनीति गरमा गई है और अलग-अलग दलों के नेता अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह विवाद अब संवैधानिक और सांस्कृतिक बहस का रूप ले चुका है।
ओवैसी ने क्यों जताया विरोध
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि देश किसी देवी या देवता के नाम पर नहीं चलता। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् एक देवी को समर्पित है, इसलिए इसे जन गण मन के बराबर रखना सही नहीं है। उनके अनुसार राष्ट्रगान देश और उसके लोगों का सम्मान करता है, न कि किसी धर्म का।
संविधान का हवाला देकर कही बड़ी बात
ओवैसी ने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी प्रस्तावना हम भारत के लोग से शुरू होती है, न कि भारत माता से। उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को विचार, अभिव्यक्ति और धर्म की स्वतंत्रता देता है और देश को राज्यों का संघ बताया गया है।
संविधान सभा में भी खारिज हुए थे प्रस्ताव
ओवैसी के अनुसार, संविधान सभा में कुछ लोग प्रस्तावना की शुरुआत देवी या देवता के नाम से करना चाहते थे। कुछ ने वंदे मातरम् को भी इसमें शामिल करने की बात कही, लेकिन ये सभी प्रस्ताव खारिज हो गए। उन्होंने कहा कि देश उसके लोगों से बनता है, किसी देवी या देवता से नहीं।
बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया
तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने ओवैसी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ओवैसी हर सांस्कृतिक एकता के प्रयास को धार्मिक खतरे के रूप में देखते हैं। उन्होंने उनकी तुलना मोहम्मद अली जिन्ना से करते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति समाज को बांटती है।
सरकार के फैसले का मतलब क्या है
सरकार के फैसले के अनुसार अब वंदे मातरम् को भी जन गण मन जैसी कानूनी सुरक्षा मिलेगी। यानी इसे बाधित करना दंडनीय अपराध होगा। इससे राष्ट्रगीत को भी वही संरक्षण मिलेगा, जो राष्ट्रगान को प्राप्त है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
