दरोगा भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के नाम पर ठगी, टेलीग्राम चैनल चलाने वाला बीबीए छात्र आगरा से गिरफ्तार
लखनऊ पुलिस ने आगरा के एक बीबीए छात्र को टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश एसआई परीक्षा के लीक हुए प्रश्नपत्र दिलाने का वादा करके और उपहार वाउचर के माध्यम से पैसे वसूल कर उम्मीदवारों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों को बड़ा झटका देने वाली ठगी का मामला सामने आया है। लखनऊ पुलिस ने परीक्षा का पेपर लीक कराने का झांसा देकर उम्मीदवारों से पैसे ठगने वाले एक युवक को आगरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी टेलीग्राम चैनल के माध्यम से पेपर लीक की अफवाह फैलाकर छात्रों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी अब तक करीब तीन लाख रुपये की ठगी कर चुका है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
टेलीग्राम चैनल बनाकर फैलाता था पेपर लीक की अफवाह
पुलिस को जानकारी मिली थी कि “यूपी पुलिस-2026 परिणाम पैनल” और “यूपी एसआई परीक्षा पेपर यूपी एसआई-2026” नाम से टेलीग्राम चैनल चलाए जा रहे हैं। इन चैनलों पर दावा किया जा रहा था कि दरोगा भर्ती परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराया जाएगा। इन संदेशों के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को लालच दिया जा रहा था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन चैनलों को आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र स्थित इंजीनियर्स कॉलोनी निवासी आयुष बघेल संचालित कर रहा था। इसके बाद लखनऊ पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए आयुष को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसमें कई अहम जानकारियां मिली हैं।
गिफ्ट वाउचर के जरिए करवाता था भुगतान
जांच में सामने आया कि आयुष बघेल अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर यह ठगी करता था। वह टेलीग्राम चैनल के जरिए दावा करता था कि उसके पास परीक्षा का असली पेपर है। इसके बाद जो अभ्यर्थी उसके झांसे में आ जाते थे, उनसे वह अमेजन या गूगल पे के गिफ्ट वाउचर के रूप में पैसे मंगवाता था। इसके लिए वह एक क्यूआर कोड भेजता था, ताकि पैसा सीधे बैंक खाते में न जाकर डिजिटल वॉलेट में पहुंच जाए और पुलिस को ट्रैक करने में मुश्किल हो। पुलिस के अनुसार आयुष बीबीए का छात्र है और उसके पिता मनोज बघेल एक निजी नौकरी करते हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस ठगी में आयुष अकेला नहीं था। उसके साथ कुछ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे, जो टेलीग्राम चैनलों पर डाली गई जानकारी को सोशल मीडिया पर वायरल करते थे। इससे ज्यादा से ज्यादा अभ्यर्थी उनके जाल में फंस जाते थे। फिलहाल पुलिस आरोपी को लखनऊ ले आई है, जहां उससे पूछताछ जारी है। एसटीएफ और पुलिस टीम इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
