यूपी में कुर्मी वोटरों पर BJP की नजर, पंकज चौधरी से विनोद तावड़े तक कई बड़े चेहरे मैदान में, 31 अक्टूबर को पटेल जयंती पर सियासी तैयारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कुर्मी समाज को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। बीजेपी पिछड़ा मोर्चा 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में मनाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और अन्य संगठनात्मक नेताओं की भूमिका भी चर्चा में है। उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज की आबादी, विभिन्न राजनीतिक दलों में उसका प्रतिनिधित्व और 2022 के विधानसभा चुनाव में मतदान के रुझान के कारण यह समुदाय प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है।

Oct 21, 2026 - 14:55
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यूपी में कुर्मी वोटरों पर BJP की नजर, पंकज चौधरी से विनोद तावड़े तक कई बड़े चेहरे मैदान में, 31 अक्टूबर को पटेल जयंती पर सियासी तैयारी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने जातीय समीकरण साधने की तैयारी तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी की नजर अब कुर्मी समाज पर है, जिसे ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन से लेकर सामाजिक कार्यक्रमों तक अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में मनाने की तैयारी है। वहीं, बीजेपी ने संगठन में कुर्मी समाज से आने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी भी इसी दिन वाराणसी से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर सकती है। ऐसे में पटेल जयंती के कार्यक्रमों को लेकर दोनों दलों की तैयारियां चर्चा में हैं।

बीजेपी संगठन में कुर्मी नेताओं को अहम जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश बीजेपी में हाल के संगठनात्मक बदलावों के बीच कुर्मी समाज से आने वाले कई नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हुई है। केंद्रीय मंत्री और महराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी की कमान सौंपी गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े और सह-प्रभारी जगदीश पटेल भी पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। जगदीश पटेल गुजरात के पूर्व विधायक हैं। बीजेपी पिछड़ा मोर्चा की ओर से 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती सभी 98 संगठनात्मक जिलों में मनाने की तैयारी भी इसी राजनीतिक संदर्भ में देखी जा रही है। पार्टी के इन कदमों को प्रदेश में पिछड़े वर्गों के बीच अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इन नियुक्तियों और कार्यक्रमों को केवल कुर्मी वोट बैंक की रणनीति मानना पार्टी की आधिकारिक मंशा की पुष्टि नहीं करता।

रेखा वर्मा और अपना दल एस भी अहम कड़ी
बीजेपी की पिछड़े वर्गों से जुड़ी रणनीति में अपना दल एस की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। कुर्मी समाज में प्रभाव रखने वाली अनुप्रिया पटेल की पार्टी का बीजेपी के साथ गठबंधन है। अनुप्रिया पटेल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं और लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करती रही हैं। इसके अलावा पूर्व सांसद रेखा वर्मा को बीजेपी के केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी पर बनाए रखा गया है। पार्टी के संगठनात्मक फैसलों, सहयोगी दलों और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर उठाए गए कदमों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

सपा भी 31 अक्टूबर को वाराणसी से कर सकती है शुरुआत
कुर्मी समाज के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश केवल बीजेपी तक सीमित नहीं है। समाजवादी पार्टी भी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर वाराणसी में कार्यक्रम करने की तैयारी कर सकती है। चर्चाओं के मुताबिक, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 31 अक्टूबर को वाराणसी की रोहनिया विधानसभा सीट से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि रैली की तैयारियों को लेकर स्थानीय स्तर पर गतिविधियां तेज हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कुछ दिन पहले वाराणसी पहुंचकर स्थानीय नेताओं के साथ बैठक की थी। इसके बाद से संभावित रैली को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं। हालांकि, अखिलेश यादव के इस कार्यक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में कुर्मी समाज की उल्लेखनीय आबादी मानी जाती है। ऐसे में यहां कार्यक्रम आयोजित करने की चर्चा को पूर्वांचल में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। 

यूपी में कुर्मी वोट बैंक की कितनी अहमियत?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुर्मी समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। अलग-अलग अनुमानों के मुताबिक, प्रदेश की कुल आबादी में कुर्मी समाज की हिस्सेदारी करीब 4 से 5 प्रतिशत बताई जाती है। पूर्वांचल, अवध, रुहेलखंड और बुंदेलखंड के कई इलाकों में इस समुदाय की मौजूदगी है। महराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती, बाराबंकी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र और बरेली समेत कई जिलों में कुर्मी समाज की राजनीतिक भूमिका चर्चा में रहती है। राजनीतिक विश्लेषणों में प्रदेश की करीब 50 से 60 विधानसभा सीटों पर इस समुदाय के मतदाताओं को प्रभावशाली माना जाता है, जबकि इसकी उपस्थिति लगभग 130 सीटों पर बताई जाती है। ये आंकड़े अनुमानित हैं और क्षेत्र के अनुसार इनका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।

2022 के चुनाव में कुर्मी मतदाताओं का रुझान
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सीएसडीएस-लोकनीति के आंकड़ों के हवाले से दिए गए विवरण के मुताबिक, कुर्मी मतदाताओं में करीब 66 प्रतिशत ने एनडीए का समर्थन किया था। समाजवादी पार्टी को लगभग 25 प्रतिशत, कांग्रेस को 4 प्रतिशत, बहुजन समाज पार्टी को 3 प्रतिशत और अन्य दलों को 2 प्रतिशत वोट मिलने का दावा किया गया है। ये आंकड़े 2022 के चुनाव के संदर्भ में हैं। इन्हें 2027 के चुनाव में कुर्मी मतदाताओं के संभावित रुझान का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता, क्योंकि चुनावी मुद्दों, उम्मीदवारों, गठबंधनों और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर मतदान का पैटर्न बदल सकता है।

विधानसभा और लोकसभा में कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व
उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में कुर्मी समाज से जुड़े विधायकों की संख्या 40 बताई जाती है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इनमें बीजेपी के 27, समाजवादी पार्टी के 12 और कांग्रेस का एक विधायक शामिल है। लोकसभा में भी कुर्मी समाज से आने वाले कई नेता सक्रिय हैं। बीजेपी की ओर से पंकज चौधरी, छत्रपाल सिंह गंगवार और प्रवीण पटेल जैसे नेताओं का नाम लिया जाता है। अपना दल एस की अनुप्रिया पटेल भी इस समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी में लालजी वर्मा, नरेश उत्तम पटेल, राम प्रसाद चौधरी और उत्कर्ष वर्मा समेत कई नेताओं की राजनीतिक भूमिका रही है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content