अयोध्या में खिड़की लगाने को लेकर विवाद गहराया, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांगी सुरक्षा और न्याय
अयोध्या में खिड़की लगाने और सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण को लेकर हुए विवाद के बाद एक परिवार ने सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
अयोध्या के नगर निगम क्षेत्र स्थित बेनीगंज चौराहे पर एक मकान में खिड़की लगाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों को शिकायत पत्र देकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है। परिवार का आरोप है कि प्रशासन से अनुमति मिलने के बावजूद पड़ोसी महिला निर्माण कार्य में बाधा डाल रही है और लगातार गाली-गलौज व धमकी दे रही है। इसके साथ ही सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जे और नजूल भूमि से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी करने का भी आरोप लगाया गया है। मामले के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
दूसरी मंजिल पर खिड़की लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
पीड़िता अनीता ने प्रशासन को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उनका दो मंजिला मकान घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है। मकान में पर्याप्त रोशनी और हवा नहीं पहुंचने के कारण उन्होंने दूसरी मंजिल पर खिड़की लगाने की अनुमति मांगी थी। उनका कहना है कि 18 मार्च 2026 को प्रशासन की ओर से खिड़की लगाने की अनुमति भी मिल गई थी। इसके बावजूद पड़ोस में रहने वाली एक महिला निर्माण कार्य का विरोध कर रही है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पड़ोसी महिला आए दिन गाली-गलौज करती है और काम रुकवाने की कोशिश करती है।
सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मकान के पीछे लगभग पांच फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा किया गया है। परिवार का कहना है कि सरकारी अभिलेखों में यह भूमि सार्वजनिक मार्ग के रूप में दर्ज है, लेकिन इसके बावजूद कब्जा कर रास्ता बाधित किया जा रहा है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि नजूल भूमि से जुड़े दस्तावेज गलत तरीके से तैयार कराए गए हैं। इस मामले में नजूल विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत होने की आशंका भी जताई गई है।
परिवार ने जताया डर और मांगी सुरक्षा
पीड़िता के पति मनीष कुमार ने बताया कि क्षेत्र में उनका परिवार अकेला हिंदू परिवार है और उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक रास्ते से अवैध कब्जा हटवाया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
(रिपोर्टः अनूप कुमार अयोध्या)
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
