यूपी में आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, खोड़ा में स्लीपर सेल एक्टिव; 6 संदिग्धों से पूछताछ जारी
उत्तर प्रदेश में एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, खोड़ा गाजियाबाद में स्लीपर सेल सक्रिय, एनआईए और एटीएस द्वारा छह संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क और जासूसी के एक बड़े मामले में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरो, एंटी टेररिज्म स्क्वाड और एसआईटी की टीमें मिलकर कौशांबी से गिरफ्तार छह संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। यह कार्रवाई 14 मार्च को हुई थी और अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहराई से जांच की जा रही है।
खोड़ा में सक्रिय था स्लीपर सेल
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि खोड़ा इलाके में आतंकी नेटवर्क का स्लीपर सेल सक्रिय था। यह नेटवर्क देश के संवेदनशील स्थानों की जानकारी इकट्ठा कर पाकिस्तान भेज रहा था। पुलिस के अनुसार यह गतिविधि काफी समय से चल रही थी और इसके तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।
रेलवे स्टेशन से बरामद हुआ CCTV कैमरा
जांच के दौरान पुलिस एक आरोपी को लेकर सोनीपत रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां से एक सीसीटीवी कैमरा बरामद किया गया। एजेंसियों को शक है कि इन कैमरों के जरिए रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण जगहों की निगरानी की जा रही थी। यह भी जांच की जा रही है कि लाइव फीड भेजी जा रही थी या रिकॉर्डेड डेटा शेयर किया जा रहा था।
देशभर में फैला नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार यह नेटवर्क सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में फैला हुआ है। रेलवे स्टेशन, सैन्य ठिकानों, आर्मी ट्रकों और अन्य संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो पाकिस्तान, यूके और मलेशिया के नंबरों पर भेजे जा रहे थे। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
धार्मिक स्थलों की भी की गई रेकी
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की भी रेकी की थी। खाटू श्याम मंदिर, रावण मंदिर बिसरख और दिल्ली के रमेश नगर स्थित मंदिर के वीडियो पाकिस्तान भेजे गए। इससे साफ है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश थी।
ऑनलाइन मिलती थी ट्रेनिंग
जाच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को कैमरे लगाने और निगरानी की ट्रेनिंग ऑनलाइन दी जाती थी। पाकिस्तान में बैठा सरगना व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों से निर्देश देता था और काम पूरा होने के बाद ऑनलाइन पेमेंट करता था।
डिजिटल जांच और अन्य संदिग्धों से पूछताछ
एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल, बैंक खातों और डिजिटल डेटा की जांच कर रही हैं। साथ ही नाहल गांव से पकड़े गए संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क किसी बड़ी साजिश की तैयारी में था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
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