शादी टूट जाएगी सर… फिजिक्स कॉपी में छात्रों की गुहार पढ़कर टीचर भी रह गए हैरान
यूपी बोर्ड 2026 की कॉपियों की जांच के दौरान छात्रों की भावुक अपीलें सामने आ रही हैं। शादी, गरीबी और बीमारी का हवाला देकर छात्र पास करने की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि बोर्ड की सख्ती के चलते अब कॉपियों में पैसे मिलने के मामले कम हो गए हैं।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इस समय तेजी से चल रहा है। लेकिन इस बार शिक्षकों को कॉपियों में पढ़ाई से ज्यादा भावुक अपीलें और अजीब गुहारें देखने को मिल रही हैं। खासकर भौतिक विज्ञान जैसे कठिन विषय की कॉपियों में छात्रों ने ऐसे संदेश लिखे हैं, जिन्हें पढ़कर परीक्षक भी हैरान रह गए हैं। कई छात्र अपने हालात बताकर पास करने की मांग कर रहे हैं।
शादी का हवाला देकर पास होने की गुहार
मूल्यांकन केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक इंटरमीडिएट छात्र ने अपनी कॉपी में लिखा कि उसकी शादी तय हो गई है। उसने बताया कि उसकी तैयारी अच्छी नहीं थी और अगर वह फेल हो गया तो समाज में उसकी बेइज्जती होगी और तिलक भी कम चढ़ेगा। उसने शिक्षक से पास करने की अपील की है। वहीं, एक छात्रा ने लिखा कि वह चार बहनों में तीसरे नंबर पर है और 13 मई को उसकी शादी है। घर में शादी की तैयारियों के कारण वह पढ़ाई नहीं कर पाई। उसने लिखा कि अगर वह फेल हो गई तो उसकी शादी टूट सकती है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, इसलिए वह कोई पैसे भी नहीं दे सकती।
पैसे न रख पाने का भी बताया कारण
इस बार कॉपियों में पैसे मिलने के मामले कम जरूर हुए हैं, लेकिन छात्रों ने इसका कारण भी अपनी कॉपियों में लिखा है। एक छात्र ने बताया कि उसके पिता बीमार थे, जिससे वह पढ़ाई नहीं कर सका। उसने लिखा कि वह 2000 रुपये रखना चाहता था, लेकिन कक्षा में सख्त निगरानी और CCTV के कारण ऐसा नहीं कर पाया। इसलिए उसने शिक्षक से पास करने की विनती की।
सख्ती के कारण कम हुए नोट के मामले
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के कड़े निर्देशों का असर इस बार साफ दिखाई दे रहा है। बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अगर किसी कॉपी में पैसे मिलते हैं तो छात्र के साथ-साथ कक्ष निरीक्षक पर भी कार्रवाई होगी। इसी कारण इस बार कॉपियों में नकदी मिलने के मामले काफी कम हो गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि अब नंबर केवल सही उत्तरों के आधार पर ही दिए जा रहे हैं।
तेजी से चल रहा है मूल्यांकन कार्य
यूपी बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार कुल करीब 2.60 करोड़ कॉपियां जांची जानी हैं। 23 मार्च की शाम तक 32,53,505 कॉपियां जांची जा चुकी हैं, जिसमें हाईस्कूल की 19,62,275 और इंटरमीडिएट की 12,91,248 कॉपियां शामिल हैं। प्रदेशभर के मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षक CCTV निगरानी में दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि समय पर परीक्षा परिणाम घोषित किया जा सके।
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