23 मार्च से महंगी हो सकती हैं घरेलू फ्लाइट्स: सरकार ने हटाई किराया सीमा, अब मांग के हिसाब से तय करेंगे एयरलाइंस टिकट दरें

सरकार ने 23 मार्च से हवाई किराए पर लगी सीमा हटा दी है, जिससे एयरलाइंस को मांग के आधार पर टिकट की कीमतें तय करने की अनुमति मिल गई है। पूरी जानकारी और इसके प्रभाव के बारे में जानें।

Mar 22, 2026 - 12:25
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23 मार्च से महंगी हो सकती हैं घरेलू फ्लाइट्स: सरकार ने हटाई किराया सीमा, अब मांग के हिसाब से तय करेंगे एयरलाइंस टिकट दरें

घरेलू हवाई यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अब एयरलाइन कंपनियां फ्लाइट टिकट के दाम मांग के हिसाब से तय कर सकेंगी। सिविल एविएशन मंत्रालय ने हवाई किराए पर लगी सीमा को हटाने का फैसला लिया है, जो 23 मार्च 2026 से लागू होगा। इससे पहले सरकार ने अधिकतम किराया 18,000 रुपये तय कर रखा था। इस फैसले के बाद अब यात्रियों को टिकट की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

क्यों लगाया गया था किराया सीमा?
पिछले साल दिसंबर में इंडिगो एयरलाइंस की कई उड़ानें रद्द और लेट हो गई थीं। इसकी वजह DGCA द्वारा लागू किए गए नए नियम थे, जिन्हें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) कहा गया। इससे पायलट और क्रू की कमी हो गई और हजारों फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। इस स्थिति में अन्य एयरलाइंस ने टिकट के दाम काफी बढ़ा दिए थे, जो 50,000 रुपये तक पहुंच गए थे। इसके बाद सरकार ने अधिकतम किराया 18,000 रुपये तय किया था।

अब हटेगी सीमा, लेकिन रहेगी निगरानी
सिविल एविएशन मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि अब उड़ानों की स्थिति सामान्य हो गई है और क्षमता भी बहाल हो चुकी है। इसलिए किराया सीमा हटाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, मंत्रालय ने साफ किया है कि एयरलाइंस को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। टिकट की कीमतें पारदर्शी और उचित होनी चाहिए। अगर कहीं ज्यादा या अनुचित बढ़ोतरी होती है, तो उस पर सख्त नजर रखी जाएगी।

पहले आसमान छू गए थे किराए
फ्लाइट कैंसिलेशन के दौरान टिकट के दाम काफी बढ़ गए थे। कई रूट्स पर यात्रियों को सामान्य से 10 गुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली से बेंगलुरु का किराया 40,000 से 80,000 रुपये तक पहुंच गया था। दिल्ली-मुंबई फ्लाइट 36,000 से 56,000 रुपये और दिल्ली-चेन्नई फ्लाइट 62,000 से 82,000 रुपये तक बिक रही थी।

युद्ध और ईंधन की कीमतों का असर
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात और युद्ध का असर एविएशन सेक्टर पर पड़ सकता है। खासकर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बदलाव से टिकट महंगे हो सकते हैं। ATF एयरलाइंस की कुल लागत का 35 से 45 प्रतिशत होता है। इसकी कीमत हर महीने की पहली तारीख को तय होती है, इसलिए इसका असर 1 अप्रैल से देखने को मिल सकता है।

सीट बुकिंग से जुड़े नए नियम भी लागू
इससे पहले 18 मार्च को सरकार ने नया नियम लागू किया था, जिसमें एयरलाइंस को हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध करानी होंगी। साथ ही एक ही बुकिंग वाले यात्रियों को साथ या पास-पास बैठाने की सुविधा भी दी जाएगी।

यात्रियों को रहना होगा सतर्क
किराया सीमा हटने के बाद अब टिकट की कीमतें बाजार और मांग पर निर्भर करेंगी। ऐसे में यात्रियों को पहले से योजना बनाकर टिकट बुक करना फायदेमंद रहेगा, ताकि ज्यादा कीमत चुकाने से बचा जा सके।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।