ग्रेटर नोएडा वेस्ट हादसा: 12वीं मंजिल से गिरकर 3 साल के मासूम की दर्दनाक मौत, सोसायटी में मचा हड़कंप
ग्रेटर नोएडा पश्चिम में एक दुखद घटना घटी, जहां गौर सिटी सोसाइटी में 12वीं मंजिल की बालकनी से गिरने के बाद एक 3 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। गौड़ सिटी-1 की 7वें एवेन्यू सोसायटी में शुक्रवार दोपहर एक 3 साल के मासूम बच्चे की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस भी सूचना मिलने पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस घटना ने हाईराइज सोसायटियों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मां के बाहर जाते ही हुआ हादसा
मृतक बच्चे की पहचान सागनिक के रूप में हुई है। उसके पिता संजय पाल पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और परिवार के साथ यहां रह रहे थे। वह एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं, जबकि उनकी पत्नी मंजू पाल गृहिणी हैं। घटना के समय मंजू अपने बड़े बेटे, जिसकी उम्र 7 साल है, को पास के ट्यूशन सेंटर छोड़ने गई थीं। उस दौरान छोटा बच्चा घर में सो रहा था।
कुर्सी पर चढ़कर नीचे देखने के दौरान गिरा
बताया जा रहा है कि मां के घर से बाहर जाने के बाद बच्चा जाग गया। खेलते-खेलते वह बालकनी तक पहुंच गया। वहां रखी कुर्सी पर चढ़कर वह नीचे देखने लगा। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे 12वीं मंजिल से नीचे गिर गया। यह हादसा कुछ ही पलों में हो गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से किया इनकार
इस दुखद घटना के बाद परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया है। उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को सावधानी बरतकर रोका जा सकता है। बालकनी की रेलिंग या ग्रिल की ऊंचाई कम से कम 5 फीट होनी चाहिए। यदि यह कम हो, तो मजबूत जाली या इनविजिबल ग्रिल लगवाना जरूरी है। इसके अलावा, बालकनी के पास कुर्सी, टेबल या गमले जैसी चीजें नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि बच्चे इन्हें चढ़ने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि छोटे बच्चों को घर में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। 3-4 साल के बच्चे को थोड़े समय के लिए भी अकेला छोड़ना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि वे जागने के बाद बालकनी या खिड़की की ओर जा सकते हैं।
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