बार-बार गुस्सा आना सिर्फ आदत नहीं, सेहत के लिए खतरे की घंटी: स्टडी में बड़ा खुलासा

अध्ययन से पता चलता है कि बार-बार गुस्सा आना खराब स्वास्थ्य का संकेत हो सकता है। जानिए कैसे फिटनेस, योग और ध्यान भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

Mar 21, 2026 - 13:28
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बार-बार गुस्सा आना सिर्फ आदत नहीं, सेहत के लिए खतरे की घंटी: स्टडी में बड़ा खुलासा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना आम हो गया है, लेकिन हाल ही में आई एक स्टडी ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर बार गुस्सा आना सिर्फ स्वभाव नहीं बल्कि बिगड़ती सेहत का संकेत भी हो सकता है। स्टडी में पाया गया कि जो लोग शारीरिक रूप से कम फिट होते हैं, उनमें गुस्सा और बेचैनी ज्यादा तेजी से बढ़ती है। इस दौरान लोगों को हादसे और हिंसा से जुड़े विजुअल्स दिखाए गए, जिसमें अनफिट लोगों की प्रतिक्रिया ज्यादा तीव्र देखी गई।

फिट लोग रहते हैं ज्यादा शांत और संतुलित
स्टडी में यह भी सामने आया कि जो लोग नियमित रूप से योग और एक्सरसाइज करते हैं, उनके इमोशंस ज्यादा स्थिर रहते हैं। फिट लोगों का दिमाग अधिक नियंत्रित रहता है और वे मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत रहते हैं। रिसर्च के अनुसार, अनफिट व्यक्ति को फिट व्यक्ति के मुकाबले लगभग आठ गुना ज्यादा गुस्सा आ सकता है। यह तथ्य स्वास्थ्य के लिहाज से काफी चिंताजनक माना जा रहा है।

गुस्से का असर शरीर पर कैसे पड़ता है
विशेषज्ञ बताते हैं कि बार-बार गुस्सा आने से शरीर पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। गुस्से के समय शरीर में तनाव वाले हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है। इस दौरान ब्लड वेसेल्स सिकुड़ने लगती हैं और सिरदर्द, माइग्रेन, तेज दिल की धड़कन जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो यह दिल और दिमाग दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।

गंभीर बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
लगातार गुस्सा करने की आदत से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, डायबिटीज, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा किडनी और फेफड़ों पर भी इसका असर पड़ सकता है। पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है, जिससे एसिडिटी और आईबीएस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार गुस्सा आने से व्यक्ति समय से पहले थकान और बीमारियों का शिकार हो सकता है।

योग और मेडिटेशन से पाएं राहत
योग गुरुओं का मानना है कि अगर शरीर फिट रहेगा तो दिमाग भी शांत रहेगा। नियमित योग और मेडिटेशन करने से इमोशंस कंट्रोल में रहते हैं और मन स्थिर होता है। अगर आप अपने गुस्से पर काबू पाना चाहते हैं, तो रोजाना योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। योग और मेडिटेशन न केवल मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।