UPI ने रचा नया रिकॉर्ड, FY26 में 240 अरब ट्रांजेक्शन का अनुमान, कंपनियों ने मांगा नया रेवेन्यू मॉडल

वित्त वर्ष 2026 में यूपीआई लेनदेन 240 अरब तक पहुंचने की उम्मीद है। वृद्धि के रुझान, दैनिक रिकॉर्ड और कंपनियां दोबारा एमडीआर की मांग क्यों कर रही हैं, इसके बारे में जानें।

Mar 24, 2026 - 15:46
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UPI ने रचा नया रिकॉर्ड, FY26 में 240 अरब ट्रांजेक्शन का अनुमान, कंपनियों ने मांगा नया रेवेन्यू मॉडल

भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम Unified Payments Interface लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में इसके 240 अरब ट्रांजेक्शन तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 30 प्रतिशत ज्यादा है। यह तेजी दिखाती है कि देश में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि इस ग्रोथ के बीच अब पेमेंट कंपनियां सरकार से नए रेवेन्यू मॉडल की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक बिना कमाई के इस सिस्टम को चलाना मुश्किल हो सकता है।

हर साल बढ़ रहा UPI का इस्तेमाल
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार UPI का उपयोग हर साल तेजी से बढ़ रहा है। FY24 में जहां 131 अरब ट्रांजेक्शन हुए थे, वहीं FY25 में यह बढ़कर 185 अरब तक पहुंच गया। अब FY26 में 240 अरब ट्रांजेक्शन का अनुमान लगाया जा रहा है। यह लगभग 30 प्रतिशत की सालाना बढ़त है। हालांकि यह पिछले साल की 41 प्रतिशत ग्रोथ से थोड़ा कम है, फिर भी यह साफ दिखाता है कि लोग तेजी से डिजिटल भुगतान अपना रहे हैं।

रोजाना ट्रांजेक्शन में भी बना रिकॉर्ड
UPI ने दैनिक ट्रांजेक्शन के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इस वित्त वर्ष में रोजाना औसतन 657 मिलियन ट्रांजेक्शन हुए, जो पिछले साल के 506 मिलियन से काफी ज्यादा हैं। खास बात यह है कि मार्च महीने में पहली बार रोजाना 800 मिलियन ट्रांजेक्शन का आंकड़ा पार किया गया। सरकार और NPCI का लक्ष्य इसे बढ़ाकर रोजाना 1 बिलियन तक पहुंचाना है, जो मौजूदा रफ्तार को देखते हुए जल्द संभव लग रहा है।

MDR को लेकर कंपनियों की मांग तेज
डिजिटल पेमेंट कंपनियां अब मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को फिर से लागू करने की मांग कर रही हैं। पहले UPI ट्रांजेक्शन पर 0.3 प्रतिशत MDR लिया जाता था, लेकिन 2020 में इसे खत्म कर दिया गया था। अब कंपनियों का कहना है कि केवल सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रहना सही नहीं है। वे चाहती हैं कि खासतौर पर बड़े व्यापारियों पर MDR लागू किया जाए, जिनका सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से ज्यादा है।

डिजिटल पेमेंट का भविष्य उज्ज्वल, लेकिन चुनौतियां भी
कुल मिलाकर UPI की बढ़ती लोकप्रियता भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ा रही है। लेकिन इसके साथ ही कंपनियों के लिए स्थायी कमाई का मॉडल बनाना भी जरूरी हो गया है। आने वाले समय में सरकार और कंपनियों के बीच संतुलन बनाना इस सिस्टम की सफलता के लिए अहम होगा।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।