अयोध्या में श्रीराम पर्व से सांस्कृतिक जागरण, सूर्य कुण्ड में बह रही योग की धारा, समाज में सकारात्मक बदलाव
अयोध्या में श्री राम महोत्सव विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से सांस्कृतिक पुनरुद्धार, योग जागरूकता और सामाजिक विकास को बढ़ावा देता है।
अयोध्या में ‘श्रीराम पर्व’ के माध्यम से सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान का एक बड़ा अभियान चल रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस भव्य आयोजन की शुरुआत की गई है। वर्ष प्रतिपदा से शुरू हुआ यह अभियान लगातार जारी है और लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ रहा है। इस आयोजन के तहत योग, संगीत, धार्मिक पाठ और सामाजिक संवाद जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं।
सूर्य कुण्ड में योग शिविर का आयोजन
श्रीराम पर्व के अंतर्गत दर्शन नगर स्थित सूर्य कुण्ड में सात दिवसीय योग शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर का संचालन योग भारती के संस्थापक श्री श्रीनिवास मूर्ति के निर्देशन में किया जा रहा है। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राजपाल इसके संयोजक हैं। इस शिविर में बड़ी संख्या में लोग योग सीख रहे हैं और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य और मार्गदर्शन
इस पूरे आयोजन के सूत्रधार इंजीनियर रवि तिवारी ने बताया कि यह अभियान अयोध्या के सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य लोगों को श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस आयोजन को अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी का विशेष संरक्षण प्राप्त है।
संगीत और धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
इस महोत्सव के तहत पंडित ज्वाला प्रसाद संगीत शोध संस्थान द्वारा अयोध्या की संगीत परंपरा को फिर से जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा 16 स्थानों पर सामूहिक हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है। भारत माता की भव्य आरती और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों को राम राज्य की अवधारणा और नागरिक कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
सामाजिक संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान
इस आयोजन में कई सामाजिक संस्थाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वशिष्ठ फाउंडेशन, श्री अयोध्या फाउंडेशन, परमहंस नेचुरोपैथी क्लीनिक, एस्सेल गुरुकुल ट्रस्ट और रघुवर दयाल सेवा ट्रस्ट जैसे संगठन इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा श्रीनिवास शास्त्री, चंद्र शेखर तिवारी, प्रवीण सिंह, ब्रजमोहन तिवारी, राम कुमार गुप्ता, विपनेश पांडेय और विवेक पांडेय ‘रुद्राक्ष’ सहित कई लोग इसमें योगदान दे रहे हैं।
27 मार्च को होगा भव्य समापन समारोह
इस पूरे आयोजन का समापन 27 मार्च 2025 को रानी हो कोरिया पार्क, अयोध्या में किया जाएगा। इस अवसर पर एक भव्य सम्मान समारोह भी आयोजित होगा, जिसमें उन सभी लोगों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह आयोजन अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
(रिपोर्टः अनूप कुमार, अयोध्या)
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