ईद 2026 की तारीख पर सस्पेंस, सऊदी में चांद दिखा तो 20 मार्च, भारत में 21 मार्च को मन सकती है ईद
चांद दिखने के आधार पर भारत और सऊदी अरब में ईद उल फितर 2026 की तारीख और त्योहार मनाने के तरीके के बारे में जानें।
पवित्र महीने रमजान का समापन अब करीब है और दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय की निगाहें अब आसमान में दिखने वाले शव्वाल चंद्रमा पर टिकी हैं। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार ईद उल-फितर शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाई जाती है और इसकी सही तारीख चांद के दिखने पर निर्भर करती है। ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी लोग खासतौर पर सऊदी अरब में चांद दिखने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि वहीं के आधार पर दुनिया के कई देशों में ईद की तारीख तय होती है।
सऊदी अरब में कब मनाई जाएगी ईद
जानकारी के अनुसार सऊदी अरब में 18 मार्च 2026 की शाम को चांद देखा जाएगा। अगर इस दिन चांद नजर आता है तो वहां 19 मार्च को ईद उल फितर मनाई जाएगी। लेकिन अगर 18 मार्च को चांद नहीं दिखता है, तो 19 मार्च को फिर से चांद देखने की कोशिश की जाएगी। इस स्थिति में सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। खगोलीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रमजान 30 दिन का हो सकता है, इसलिए सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में 20 मार्च को ईद होने की संभावना ज्यादा है। हालांकि अंतिम फैसला चांद दिखने के बाद ही लिया जाएगा।
भारत में ईद की संभावित तारीख
भारत में आमतौर पर ईद सऊदी अरब के एक दिन बाद मनाई जाती है। ऐसे में अगर सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जाती है, तो भारत में यह त्योहार 21 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। हालांकि यहां भी चांद देखने के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
ईद उल फितर कैसे मनाई जाती है
ईद उल फितर रमजान के महीने में रखे गए रोजों के खत्म होने की खुशी में मनाई जाती है। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा करते हैं। नमाज से पहले गरीबों को दान दिया जाता है, जिसे फितरा कहा जाता है, ताकि हर कोई इस खुशी में शामिल हो सके। ईद के दिन घरों में खास तौर पर मीठी सेवई बनाई जाती है। परिवार के बड़े सदस्य बच्चों को पैसे या उपहार देते हैं, जिसे ईदी कहा जाता है। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं और “ईद मुबारक” कहकर खुशियां साझा करते हैं। यह त्योहार आपसी भाईचारे, प्रेम और खुशियों का संदेश देता है।
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