अयोध्या में ‘श्रीराम पर्व’ की धूम: मिश्र पीलू की मधुर धुनों के साथ भक्ति और योग का अद्भुत संगम
अयोध्या में श्री राम पर्व के दौरान पारंपरिक संगीत 'मिश्रा पिलू' और योग शिविर का आयोजन किया जाता है, जो संस्कृति और स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
अयोध्या में आयोजित ‘श्रीराम पर्व’ के तहत इन दिनों भक्ति, परंपरा और स्वास्थ्य का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चल रहे इस नौ दिवसीय आयोजन में सुंदरकांड पारायण और योग शिविर विशेष आकर्षण बने हुए हैं। एक ओर जहां पारंपरिक संगीत शैली ‘मिश्र पीलू’ की मधुर धुनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबो दिया, वहीं दूसरी ओर योग शिविर में लोगों ने स्वास्थ्य और फिटनेस के नए आयाम सीखे।
मिश्र पीलू में गूंजा सुंदरकांड पारायण
शहर के विभिन्न केंद्रों पर सुंदरकांड पारायण का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह पारायण पं. ज्वाला प्रसाद संगीत शोध संस्थान के निर्देशन में हुआ। संस्थान के निदेशक पं. डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने ‘राग मिश्र पीलू’ पर आधारित अवधी धुन में सुंदरकांड की चौपाइयों का मधुर गायन किया। उन्होंने बताया कि यह राग सदियों से अयोध्या के मंदिरों में उपयोग होता रहा है और भक्ति व श्रृंगार रस से भरपूर है।
पारंपरिक संगीत को बचाने की पहल
डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य अयोध्या की लुप्त होती संगीत परंपरा को फिर से जीवित करना है। खासतौर पर युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। पारायण के दौरान लोगों ने न केवल भक्ति का आनंद लिया, बल्कि अपनी पुरानी सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से महसूस किया।
योग शिविर में स्वास्थ्य पर जोर
वहीं दूसरी ओर सूर्य कुंड और दर्शन नगर में चल रहे योग शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। योग भारती के संस्थापक श्रीनिवास मूर्ति के सानिध्य में योग मुद्राओं, शोधन क्रियाओं और विशेष आसनों का अभ्यास कराया गया। डॉ. राजपाल और रामकुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में युवाओं और बुजुर्गों ने अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ाने के तरीके सीखे।
आयोजन में कई लोगों का सहयोग
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में कई लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों और सहयोगियों ने मिलकर सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया, जिससे कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो सका।
समापन समारोह की तैयारी
इन कार्यक्रमों का भव्य समापन 27 मार्च को रानी हो कोरिया पार्क में किया जाएगा। इस दौरान विशेष सहयोगियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
(रिपोर्टः अनूप कुमार अयोध्या)
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