आपने कई मंदिर में दर्शन-पूजा तो किये होंगे,लेकिन आज हम आपको कोरोना माता के मंदिर के दर्शन कराएंगे,अंधविश्वास की उपज और कोरोना के खौफ में ग्रामीणों सामूहिक रूप से चंदा देकर कोरोना माता का मंदिर बनवा दिया।

प्रतापगढ़(Uttar Pradesh). आपने कई मंदिर में दर्शन-पूजा तो किये होंगे,लेकिन आज हम आपको कोरोना माता के मंदिर के दर्शन कराएंगे,अंधविश्वास की उपज और कोरोना के खौफ में ग्रामीणों सामूहिक रूप से चंदा देकर कोरोना माता का मंदिर बनवा दिया। कोरोना को हराने के लिए दवा के साथ -साथ ग्रामीण दुआ भी कर रहे है, ग्रामीणों ने गांव में कोरोना माता मंदिर का निर्माण करते हुए कोरोना माता की मूर्ति भी स्थापित कर डाली,अब सैकड़ो ग्रामीण पूरे विधि विधान से कोरोना माता की पूजा- अर्चना कर रहे है। 

प्रतापगढ़ के सांगीपुर थाना क्षेत्र के जूही शुक्लपुर गांव से एक चौंकाने वाली खबर आई है, यहां ग्रामीणों ने कोरोना को खत्म करने के लिए एक मंदिर बनाया और उसमें एक मूर्ति रख कर उसे कोरोना माता की मूर्ति बता कर उसकी पूजा आराधना करने लगे। ग्रामीणों का मानना है कि दवा के साथ जबतक कोरोना माता की दुआ नहीं लगेगी इस महामारी से निजात नहीं मिलेगी। 

गांव में कोरोना से हो चुकी है तीन मौतें 

इस गांव में कोरोना के चलते तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है की इससे ग्रामीण इतनी दहशत में आ गए हैं कि उन्हें अब इस अंधविश्वास से ही बचने का रास्ता दिखाई दे रहा है। हांलाकि कई ग्रामीण अब भी मानते हैं कि मंदिर में पूजा अर्चना से कोरोना नहीं ठीक हो सकता और न ही इस बीमारी का प्रकोप कम हो सकता है। 

रातों-रात गायब हुआ मंदिर 

इसी बीच एक और खबर आ रही है की कोरोना माता का ये मंदिर रातों-रात तोड़ दिया गया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस को जब इस बात की भनक लगी तो पुलिस गांव में पहुंची और कोरोना माता की मूर्ति वहां से हटवा दिया। चर्चा है कि पुलिस ने छोटी सी दीवाल के रूप में बनी इस मंदिर को पूरी तरह से वहां से हटा दिया है।